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सरकार ने पारदर्शिता बरती होती, तो यह धोखाधड़ी का जरिया बनता : जेटली

वाशिंगटन: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विमुद्रीकरण की घोषणा करने से पहले उस पर गोपनीयता बरतने के लिए सरकार का आज बचाव करते हुए कहा कि इस मामले में पारदर्शिता बरतना ‘‘धोखाधड़ी का बड़ा साधन’’ बन जाता. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में शामिल होने के लिए अमेरिका की एक सप्ताह की यात्रा पर आए जेटली ने कहा कि पहले ही इस अहम कदम की घोषणा कर देने से लोग अपने पास उपलब्ध नकदी से सोना, हीरा और जमीन खरीद सकते थे तथा विभिन्न तरह के लेनदेन कर सकते थे.
जेटली ने न्यूयॉर्क में कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्रों से कहा, ‘‘पारदर्शिता बहुत अच्छा शब्द है. लेकिन इस मामले (विमुद्रीकरण) में पारदर्शिता धोखाधड़ी का बड़ा साधन बन जाता.’’ वित्त मंत्री इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कदम की घोषणा करने से पहले कुछेक शीर्ष अधिकारियों के साथ विमुद्रीकरण की योजना को गोपनीय क्यों रखा.
जेटली ने नोटबंदी को लागू करने को ‘‘सफलता’’ बताते हुए कहा, ‘‘इसके तुरंत बाद जनता में कोई अशांति नहीं थी.’’

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