लोकपाल आंदोलन से दूर ही रहें केजरीवाल: अन्ना

नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने एक बार फिर लोकपाल आंदोलन की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा है कि इस साल के आखिरी सप्ताह या फिर अगले साल के पहले सप्ताह में आंदोलन करेंगे।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि मंच पर किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को नहीं आने दिया जाएगा। यदि कोई शामिल होना चाहे तो जनता में बैठेगा।

जब उनसे दिल्ली के मुख्यमंत्री और आंदोलन के पुराने साथी अरविंद केजरीवाल को लेकर सवाल पूछा गया तो अन्ना ने कहा कि वह दूर ही रहें।

देश में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों को नाकाफी बताते हुए अन्ना ने गांधी जयंती के अवसर पर सोमवार को यहां राजघाट पर एक दिवसीय उपवास कर भ्रष्टाचार के खिलाफ सत्याग्रह की शुरुआत की।

अन्ना हजारे ने आरोप लगाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजनीति में आने के बाद लोकपाल आंदोलन को भूल गए।

उन्होंने कहा कि वह केजरीवाल से अपने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से दूर रहने के लिए कहेंगे।

हजारे ने 2011 के लोकपाल आंदोलन को सफल अंजाम तक ले जाने में विफलता को लेकर पुड्डुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी और केंद्रीय मंत्री वी. के. सिंह पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा, ‘हमारी टीम में ये सभी लोग थे। हमने लोकपाल के लिए इतना बड़ा आंदोलन किया।

राजनीति में जाने के बाद ये लोग लोकपाल को भूल गए। कोई मुख्यमंत्री बन गया, कोई राज्यपाल बन गया और कोई केंद्र सरकार में मंत्री बन गया और फिर लोकपाल (आंदोलन) को भूल गए।’

हजारे ने कहा, ‘अगर केजरीवाल उनके आंदोलन में शामिल होना चाहेंगे तो उनसे कहेंगे कि वह दूर बने रहें।’ केजरीवाल ने फरवरी, 2014 में लोकपाल विधेयक दिल्ली विधानसभा में पारित नहीं होने पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

बाद में लोकपाल विधेयक दिल्ली विधानसभा में पारित किया गया और इसे केंद्र सरकार की मंजूरी मिलनी बाकी है।

हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार के खिलाफ चुनाव पूर्व किए गए अच्छे दिनों के वादे की याद दिलाते हुए उन्हें सत्याग्रह शुरू करने की जानकारी दी।

सुबह दिल्ली पहुंचने पर हजारे ने संवाददाताओं से कहा, ‘आज 2 अक्टूबर को गांधी जयंती है, हमारे देश को आजाद हुए 70 साल हो गए हैं, लेकिन गांधी जी के सपनों के भारत से हम भटक गए हैं। यही वजह है कि मैं गांधी जी की समाधि से अपना सत्याग्रह शुरू कर रहा हूं।’

उन्होंने दिन में लगभग 11 बजे राजघाट पहुंचने पर बापू को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद लगभग तीन घंटे तक मौन साधना की। इससे पहले मोदी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि आज गांधी जयंती के अवसर पर आत्मचिंतन करते हुए मन बड़ा दुखी है।

हजारे ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिए देश में लोकपाल की नियुक्ति करने, विदेशों में जमा काला धन वापस लाने, कृषि उपज का पूरा दाम दिलाकर किसानों की आत्महत्या रोकने जैसे चुनावपूर्व किये गये तमाम वादों का जिक्र करते हुए हालात में कोई बदलाव नहीं आने पर दुख व्यक्त किया।

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