क्रिकेट

नेहरा से पूछा गया कि शरीर के किस हिस्‍से का अब तक ऑपरेशन नहीं हुआ तो यह दिया जवाब

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने इसी सप्‍ताह क्रिकेट से संन्‍यास लेने का फैसला किया है. नेहरा अपना अंतिम इंटरनेशनल मैच न्‍यूजीलैंड के खिलाफ अपने घरेलू कोटला मैदान पर खेलेंगे. 38 वर्षीय नेहरा को देश के बाएं हाथ के सर्वश्रेष्‍ठ गेंदबाजों में से एक माना जाता है. वे अच्‍छी खासी गति से गेंद को विकेट के दोनो ओर स्विंग कराने में भी माहिर थे.

हालांकि लगातार चोटों के कारण 18 वर्ष के इंटरनेशनल करियर में उन्‍हें भारत के लिए ज्‍यादा मैच खेलने का मौका नहीं मिल पाया.

चोट के कारण आशीष लगातार भारतीय टीम से अंदर-बाहर होते रहे. हाल ही में मशहूर टीवी एंकर गौरव कपूर को उन्‍होंने एक इंटरव्‍यू में अपनी चोटों और खेल जीवन से जुड़ी बातों पर विस्‍तार से बातचीत की. ‘ब्रेकफास्‍ट विद चैंपियंस’ नाम के इस इंटरव्‍यू में आशीष ने क्रिकेट से जुड़े सवालों के रोचक अंदाज में जवाब दिए.

इंटरव्‍यू में जब गौरव ने नेहरा से उनके लगातार चोटिल होने के बारे में सवाल पूछा तो इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘भैया, मेरे अब तक 12 ऑपरेशन हो चुके हैं. घुटने, एंकल, एलबो, हेमस्ट्रिम …शरीर के लगभग हर हिस्‍से का मैं ऑपरेशन करा चुका हूं.’ जब गौरव ने पूछा कि शरीर का ऐसा कौन का हिस्‍सा है जिसका ऑपरेशन नहीं हुआ है तो नेहरा ने मजाकिया अंदाज में जीभ दिखा दी और कहा-यही है जिसका ऑपरेशन नहीं हुआ है.

इंटरव्‍यू के दौरान गौरव ने आशीष से पूछा कि आपको कंजूस क्रिकेटर बोला जाता है तो आशीष नेहरा ने हल्‍के फुल्‍के माहौल में कहा, ‘युवराज सिंह को इसका श्रेय जाता है. उसने हर जगह यह बात फैला दिया कि आशीष कंजूस है. यही नहीं उसने इसमें विराट कोहली का नाम भी जोड़ दिया. युवराज सिंह के बारे में उन्‍होंने कहा कि जिस दिन युवी बिल के पैसे देता है, उस दिन बारिश होती है.

अपने क्रिकेट के शुरुआती दिनों के बारे में आशीष ने बताया कि वे और वीरेंद्र सहवाग स्‍कूटर पर बैठकर प्रैक्टिस के लिए जाते थे. वीरेंद्र नजफगढ़ में रहते थे और मुझे कोटला मैदान ले जाने के लिए स्‍कूटर लेकर दिल्‍ली कैंट आते थे. जाते समय स्‍कूटर वीरू चलाता था और मैं उसके किट बैग (जाहिर है कि बैट बगैरह होने के कारण यह काफी भारी होता था ) पर सिर रखकर मैं पीछे सोता था.

वापस लौटते समय स्‍कूटर चलाने की बारी मेरी होती थी और सहवाग किट बैग पर सिर रखकर सोते थे. वीरू जब मेरे घर आते थे तो ज्‍यादातर बार मैं सोता हुआ मिलता था. जागने के बाद मैं फटाफट तैयार होता था. मेरी मां मेरे लिए दूध रखती थी और वीरू वह दूध पी जाते थे.

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