एशिया कप 2018: 696 दिनों बाद महेंद्र सिंह धोनी बने टीम इंडिया के कप्तान

नई दिल्ली।

मंगलवार को दुबई के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मैदान पर एशिया कप मुकाबले में जब दोनों कप्तान मैदान पर उतर रहे थे सबकी नजरें ठहर गईं। अफगानिस्तान के कप्तान असगर अफगान के साथ जो शख्स टॉस के लिए उतर रहा था वह रोहित शर्मा नहीं था। जी, कैमरा जैसे ही फोकस हुआ सामने महेंद्र सिंह धोनी का चेहरा नजर आया। क्या, इस मैच में धोनी कप्तानी करेंगे। जी, करीब दो साल बाद महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे हैं। सही हिसाब लगाएं तो 696 दिन बाद धोनी टीम इंडिया की कप्तानी कर रहे हैं।

धोनी ने आखिरी बार 29 अक्टूबर 2016 को न्यू जीलैंड के खिलाफ विशाखापत्तनम में भारतीय टीम की कप्तानी की थी। इस मैच में भारत को 190 रनों से जीत मिली थी। बतौर कप्तान यह धोनी का 200वां एकदिवसीय मैच है। यह मुकाम हासिल करने वाले वह दुनिया तीसरे कप्तान हैं। एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने का रेकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग के नाम है। पोंटिंग ने 230 मैचों में कप्तानी की जिसमें से 165 में ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की। इसके बाद न्यू जीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग का नंबर आता है जिन्होंने 218 मैचों में कप्तानी की और कीवी टीम ने इसमें से 98 मैच जीते।

धोनी के 199 मैचों में से 110 में भारत ने जीत हासिल की और 74 मुकाबले हारे। वहीं चार मैच टाई रहे और 11 का कोई नतीजा नहीं निकला। धोनी का जीत औसत 59.57 है, जो किसी भी भारतीय कप्तान से बेहतर है। आईसीसी ने भी अपने ट्वीट में धोनी की कप्तानी में वापसी को लेकर ट्वीट किया है। आईसीसी ने अपने इस ट्वीट में लिखा ‘कैप्टन कूल इज बैक!’

एशिया कप 2018 के सुपर 4 के इस मुकाबले में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम ने इस मैच में अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आजमाते हुए पांच बदलाव किए हैं। टीम में से- रोहित शर्मा, शिखर धवन, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह और युजवेंद्र चहल को आराम दिया गया है। और लोकेश राहुल, दीपक चाहर, मनीष पांडे, खलील अहमद और सिद्धार्थ कौल को टीम में शामिल किया गया है। भारत पहले ही टूर्नमेंट के फाइनल में पहुंच चुका है। वहीं अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से हारने के बाद टूर्नमेंट से बाहर हो चुकी है।

टॉस के बाद धोनी ने मैच में अपनी रणनीति पर बात की। इस मैच में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया, जिस पर धोनी ने कहा कि अगर वह टॉस जीतते तो वह भी पहले फील्डिंग का ही निर्णय लेते।’

भारत के लिए 200वें वनडे में कप्तानी कर रहे धोनी ने कहा, ‘मुझे यह विश्वास नहीं था कि जहां मैं खड़ा हूं मेरे पास ऐसा मौका आएगा। मैंने 199 वनडे मैचों में कप्तानी की है, तो इससे मुझे 200वें वनडे में कप्तानी करने का मौका मिला है। यह सब भाग्य है और मैं इसमें हमेशा भरोसा करता हूं। यह सब मेरे नियंत्रण में नहीं था, क्योंकि मैं अब कप्तानी छोड़ चुका हूं। बतौर कप्तान 200वां वनडे खेलना शानदार है, लेकिन मुझे नहीं लगता इसका कोई खास महत्व है।’

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