सहायक रिटर्निंग अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

सर्टिफिकेशन कोर्स के बाद अधिकारियों ने दी परीक्षा

रायपुर: लोकसभा निर्वाचन के लिए नवपदस्थ सहायक रिटर्निंग अधिकारी दो दिवसीय सर्टिफिकेशन कोर्स के दूसरे और अंतिम दिन निर्वाचन के विभिन्न पहलुओं से अवगत हुए. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि आदर्श आचरण संहिता का पालन आम लोगों को असुविधा से बचाते हुए किया जाए. इस दौरान लोगों को संवेदनशीलता के साथ आम नागरिकों के साथ व्यवहार किया जाए। आदर्श आचरण संहिता के दौरान अधिक पैसे लाने ले जाने पर निगरानी दलों तथा जाँच केन्द्रों की छानबीन के दौरान आम लोगों को असुविधा न हो यह सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य निर्वचान पदाधिकारी कार्यालय में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन आदर्श आचरण संहिता को लागू करने के दौरान किन-किन व्यावहारिक बातों को ध्यान में रखा जाए, इसकी जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि निगरानी दल की जाँच के दौरान प्रचार सामग्री के साथ यदि दस हजार रूपए से अधिक की राशि पाई जाती है, तो जब्ती की कार्यवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त यदि आम नागरिक पैसे लेकर जाए तो उसके लिए अपने पास प्रमाण के रूप में दस्तावेज रखना होगा। आदर्श आचरण संहिता के दौरान राजनीतिक विज्ञापन निजी सम्पत्ति पर किया जाएगा तो इसकी अनुमति प्रत्याशी को संपप्ति के मालिक से लेनी होगी। साथ ही यदि उस विज्ञापन का खर्च 10 रूपए से अधिक हो तो वह खर्च प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय मंस जोड़ा जाएगा।

प्रशिक्षण के अंतिम दिन मीडिया सर्टिफिकेशन, मीडिया मॉनिटरिंग, मतगणना, परिणामों की घोषणा, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, मतदान दलों के प्रबंधन सहित अन्य विषयों पर प्रस्तुतिकरण के साथ चर्चा हुई। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रशिक्षण उपरांत सभी सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की परीक्षा भी ली गई , जिसमें निर्वाचन संबंधी सवाल पूछे गए थे।

प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनरों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की कमिशनिंग, संधारण, रख-रखाव एवं मतदान के दौरान सुरक्षा को लेकर विस्तृत जानकारी दी। निर्वाचन के दौरान पेड न्यूज तथा भ्रामक समाचारों की निगरानी के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई । सूचना प्रौद्योगिकी के निर्वाचन प्रक्रिया में बढ़ते उपयोग तथा निर्वाचन के दौरान उपयोग में आने वाले आईटी एप्लीकेशनों की जानकारी दी गई।

सुविधा, सुगम, समाधान, सी-विजिल, सी-टाप्स जैसे आईटी एप्लीकेशनों के अधिकतम और बेहतर उपयोग के लिए टिप्स दिए गए। मतदाता जागरूकता के लिए हर स्तर पर अभियान चलाए जाने पर जोर दिया गया। सर्टिफिकेशन कोर्स में अधिकारियों को मतदान के दौरान दिव्यांगों के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले ही सुनिश्चित किए जाने को कहा गया।

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