छत्तीसगढ़

अटल ने रखी छत्तीसगढ़ के विकास की नींव: बृजमोहन

रायपुर: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य विकास की नींव रखी। इसके बाद जो विकास का क्रम 14 वर्षों में हमारी भाजपा सरकार ने चलाया, उतना आजादी के बाद से कभी नहीं हुआ था। यह बात पंडित दीनदयाल उपाध्याय छत्तीसगढ़ विकास संवाद में कृषि और सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कही।

उन्होंने कहा कि विकास की परिभाषा गढऩा कठिन हैं। किसी दौर में रोटी कपड़ा और मकान ही विकास कहलाता था। आज विकास के पैमाने हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हैं। छत्तीसगढ़ की बात करें तो विकास की एक लंबी दूरी छत्तीसगढ़ ने तय की है।

पूर्ववर्ती सरकारों की ओर से उपेक्षित छत्तीसगढ़ राज्य की सीधी-साधी जनता विकास की बाट जोह रही थी। उनकी पीड़ा को महसूस करते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में छत्तीसगढ़ राज्य देश का सबसे तेजी विकसित होता राज्य है। कृषि विकास की बात करें तो राज्य निर्माण के समय 40 हजार क्विंंटल बीज का उत्पादन यहा होता था जो बढ़कर आज 11 लाख क्विंटल बीज उत्पादन हो गया है। छत्तीसगढ़ का किसान समृद्धि की राह पर चल रहा है, यही वजह है कि राज्य को चार बार राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। यह नौनिहाल राज्य अब देश के एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है।

बृजमोहन ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में ही सबसे ज्यादा रोजगार की संभावना है। 1 लाख करोड़ के निवेश पर स्थापित उद्योग कुछ हजार लोगों को रोजगार दे सकते है परंतु अगर कृषि क्षेत्र में उतना ही निवेश किया जाए तो एक करोड़ लोगों को बेहतर रोजगार दिया जा सकता है।

बृजमोहन ने कहा कि देश के सीमेंट उत्पादन में 20 फीसदी हिस्सेदारी छत्तीसगढ़ की हैं। 24 फीसदी लोहा यही से जाता है। यह जीरो पावर कट राज्य है। छत्तीसगढ़ में संभावनाएं बहुत है। यहा विकास की भूख है। यह राज्य देश के अन्य राज्यों को सकारात्मक दिशा दिखाने सहायक सिद्ध हो सकता है। इस अवसर पर हिंदुस्तान समाचार के निदेशक राजनाथ सिंह सूर्य, जगदीश उपासने, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एसके पाटिल, छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कामर्स के जितेंद्र बरलोटा आदि उपस्थित थे।

मानक से हटकर पत्रकारिता नहीं, व्यापार होगा : सूर्य
सभी कार्यों में मूल्य आवश्यक है। पत्रकारिता में भी मानक आवश्यक है। मानक से हटकर पत्रकारिता नहीं हो सकती और यदि होगी तो वो एक व्यापार है। ये बातें पूर्व राज्यसभा सांसद राजनाथ सूर्य ने कही। वे उत्तरप्रदेश से केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के पूर्व उपाध्यक्ष हिन्दुस्थान समाचार के निदेशक हैं।

उन्होंने कहा कि, तीन चार साल पहले केटीयू आ चुके हैं। विवि का ढांचा तो पूरा हो गया अब तकनीक से लैस हो रहा है। पेपर लेस व्यवस्था की ओर आगे बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण पत्रकारिता है। देश तकनीक विकास की ओर ज्यादा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अध्यापक बनना था लेकिन अचानक पत्रकार बन गया।

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