अटल जी ने अवसरों को इतिहास में बदला – आहूजा

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय ने दी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि

भोपाल : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में आज अपरान्ह देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को ‘अटल स्मृति’ सभा में श्रद्धासुमन अर्पित किये गए. सभा की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा ने कहा कि अटल जी ने अवसरों को इतिहास में बदल दिया. परमाणु परीक्षण और संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में दिया गया उनका भाषण इस बात के उदाहरण हैं. वे कालजयी थे, विश्वविद्यालय की प्रथम महापरिषद् के सदस्य और पत्रकारिता से उनके जुड़ाव के कारण वे सदैव हमारी स्मृति में रहेंगे. उन्होंने 16 जनवरी, 1991 को विश्वविद्यालय की पहली महा परिषद् की बैठक में भाग लिया था. पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने इस बैठक की अध्यक्षता की थी.

कार्यक्रम में निदेशक, सम्बद्ध अध्ययन संस्था, दीपक शर्मा ने कहा कि राजनीति में रहते हुए भी वे अजातशत्रु थे. वे व्यक्ति विरोधी नहीं थे, बुराई विरोधी थे. अटल जी सही अर्थों में भारतीयता के प्रतिनिधि थे. आज संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी को प्रतिनिधि भाषा के रूप में जो दर्जा मिला हैं उसका श्रेय अटल जी को ही जाता हैं. कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि उनकी ख़ामोशी भी मुखर थी. वे पिछले 14 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नहीं थे. उसके बाद भी उनकी अंतिम यात्रा में 20-22 वर्ष की उम्रवाले युवाओं की संख्या सर्वाधिक थी. अटलजी ने जिस विचार को अपनाया, वे उसके साथ ताउम्र रहे. वे गठबंधन सरकारों के शिल्पकार थे. कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने वाजपेयी को पुष्पांजलि अर्पित की. कार्यक्रम का संचालन सहायक कुलसचिव विवेक सावरीकर ने किया.

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