अटल नगर सूना न रहे-निर्माण प्रतिबंध हटे, कमल विहार के किसानों को मिले मुआवजा, नंदन वन जीवित रहे

बृजमोहन अग्रवाल ने मंत्री मोहम्मद अकबर के आवास-पर्यावरण विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान रखी यह बात..

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा मे मंत्री मोहम्मद अकबर के प्रभार वाली आवास, पर्यावरण, खाद्य,नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान पूर्व मंत्री एवं रायपुर दक्षिण की विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने जोरदार ढंग से जन समस्याओं पर अपनी बात रखी और सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुर शहर के मास्टर प्लान में बहुत सारी ऐसी सड़के हैं जो पिछले 20- 25 सालों से एमआर रोड के रूप में चिन्हांकित है।

परंतु वह सड़के नहीं बन रही है। और उन सड़कों के नहीं बनने के कारण लोगों को निर्माण का परमिशन भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने मास्टर प्लान की समीक्षा करने का आग्रह करते हुए कहा कि रायपुर शहर को स्मार्ट सिटी बनाना है तो उन सड़कों को बनाएं और सड़के नहीं बन सकती है या बजट में प्रावधान नहीं है तो उसे निरस्त करें। जिस से रायपुर शहर के विकास का क्रम आगे बढ़ सके।

अटल नगर (नई राजधानी) सूना न रहे…

बृजमोहन ने नई राजधानी यानी अटल नगर को लेकर अपनी बात रखी और सरकार से पूछा कि क्या वे इसके लिए कोई नई योजना लेकर आ रहे हैं? उन्होंने कहा कि अटल नगर में जो 42 गांव शामिल किए गए हैं वहां की लोगों की अलग-अलग मांगे वह समस्याएं हैं इन जगहों पर कई तरह के प्रतिबंध लगे हुए हैं वहां के जमीन मालिकों को निर्माण का परमिशन दिया जाना चाहिए ताकि वहां की बसाहट बढ़ सकें। बृजमोहन ने कहा कि कोई भी देश-प्रदेश,शहर का विकास व आर्थिक उन्नति दो ही तरीकों से होती है या तो औद्योगिक उन्नति या फिर वहां पर बसाहट बढ़े, निर्माण के काम बढ़े।

उन्होंने सवाल किया कि सरकार निर्माण की कोई नई पॉलिसी लाने जा रही है क्या जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ में निर्माण की गतिविधियां फिर से उन्नत हो सके और यहां की अर्थव्यवस्था अच्छी बन सकें? इन दोनों मामलों में प्रयास करने की जरूरत है। मोहम्मद अकबर से उन्होंने कहा कि हम राजधानी रायपुर के निवासी हैं। प्रदेश की राजधानी को बेहतर सुव्यवस्थित सुसज्जित करना हमारा कर्तव्य है। इस समस्या पर हमारा प्रयास इमानदारी से होना चाहिए ताकि हमारा अटल नगर सूना न रहे।

कमल विहार के भू स्वामियों को मिले प्लॉट या मुआवजा

कमल विहार का मुद्दा उठाते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कमल विहार में जो किसानों से जो जमीन ली गई है उनको आज तक न प्लाट मिला है और न ही मुआवजा। आज 10 साल हो गए भू स्वामियों की स्थिति बदतर हो रही है। किसी के घर में शादी है तो किसी के परिवार की कई जरूरते है।भूस्वामी दर-दर भटकने मजबूर है। उन्होंने आग्रह करते हुए कहा कि उनका निराकरण कोई ठोस योजना बनाकर किया जाए।

भू-स्वामियों को जिनकी जमीन ली गई है उन्हें कम से कम प्लाट मिल जाये इतनी व्यवस्था सरकार कर दे। नंदन वन जीवित रहे। नंदनवन को लेकर अपनी बात रखते हुए बृजमोहन ने वहां के जानवरों को जंगल सफारी शिफ्ट किए जाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रायपुर सहित आसपास के गांव क्षेत्र के लोग जंगली जानवरों को देखने व पर्यटन के लिए नंदनवन वर्षों से पहुंचते रहे हैं। परंतु नंदनवन की वर्तमान दशा चिंताजनक है। जानवरों की कोई कमी नहीं है जंगल सफारी के साथ-साथ नंदनवन भी जीवित रहे इस बात की चिंता करने की आवश्यकता है।

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