भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीज की अटॉप्सी, सावधानी से किया गया अंगों का परीक्षण

फॉरेंसिक मेडिसिन की टीम ने ये प्रोजेक्ट किया

भोपाल: भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीज की पहली बार पोस्टमार्टम किया गया. इस पोस्टमार्टम के जरिए ये पता चलेगा कि कोरोना वायरस शरीर के भीतर के ऑर्गन्स पर किस तरह से प्रभाव डालता है.

डॉक्टरों का कहना है कि बड़ी बारीकी से अटॉप्सी के दौरान यह देखा गया कि मरीज पर कोरोना का कहां-कहां असर हुआ है. पोस्टमार्टम के दौरान बहुत ही सावधानी से मरीज के अंगों का परीक्षण किया गया.

एम्स भोपाल के निदेशक सरमन सिंह के मुताबिक फॉरेंसिक मेडिसिन की टीम ने ये प्रोजेक्ट किया है. डॉक्टर सरमन ने बताया कि इसमें पेथॉलॉजी डिपार्टमेंट, माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट और क्रिटिकल केयर डिपार्टमेंट शामिल हुए थे. इस प्रोजेक्ट में जो कोरोना मरीज हैं उनकी एटॉप्सी करके ये जांच की गई कि उनके ऑर्गन्स पर कोरोना का क्या इफेक्ट हुआ है.

डॉ. सरमन सिंह ने कहा कि ‘ऑर्गन्स पर क्या पैथॉलॉजिकल और बायोलॉजिकल चेंज आ रहे हैं , कितना वायरल लोड हर ऑर्गन पर पड़ रहा है और क्या-क्या चेंजेज ये कोरोना वायरस ऑर्गन्स पर डालता है.

उन्होंने बताया कि एक पेशेंट की अटॉप्सी हो चुकी है. हालांकि इसका एथिक्स अप्रुवल मिलने का इंतजार किया जा रहा है. एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. सरमन सिंह ने उम्मीद जाहिर की कि हमें लगता है कि इसके अच्छे परिणाम आएंगे.

उन्होंने बताया कि इटली के बाद इस तरह की स्टडी दुनिया में कही नहीं हुई है. उनके मुताबिक इस स्टडी से भारत को काफी फायदा होगा. इससे मरीजों में संक्रमण फैलने की जानकारी डॉक्टरों को लग सकेगी. उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए है कि वे फक्र महसूस करते है कि इस स्टडी को हमारे फॉरेंसिक डिपार्टमेंट ने शुरू किया है.

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