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ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज कैमरून बैनक्राफ्ट योग के लिए छोड़ना चाहते थे क्रिकेट

बल्लेबाज हालांकि इस काले अध्याय को भूल कर आगे बढ़कर अपने देश के लिए कुछ अच्छा करना चाहता है।

इस साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट मैच में गेंद से छेड़छाड़ विवाद के कारण नौ महीने का प्रतिबंध झेल रहे ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज कैमरून बैनक्राफ्ट का कहना है कि एक समय वह योग शिक्षक बनने के लिए क्रिकेट को छोड़ देना चाहते थे।

उन्होंने साथ ही कहा कि वह इस बात के लिए तैयार हैं कि आने वाले दिनों में दुनिया में कई लोग उन्हें धोखेबाज के तौर पर जानेंगे। यह बल्लेबाज हालांकि इस काले अध्याय को भूल कर आगे बढ़कर अपने देश के लिए कुछ अच्छा करना चाहता है।

बैनक्राफ्ट के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर पर एक साल का प्रतिबंध लगाया गया था।

बैनक्राफ्ट ने ऑस्ट्रेलिया के अखबार वेस्ट ऑस्ट्रेलिया में एक भावुक पत्र में लिखा, कई लोग आपको धोखेबाज के तौर पर याद करेंगे, लेकिन यह ठीक है।

आपको हमेशा हर किसी की इज्जत करनी चाहिए और उन्हें सम्मान देना चाहिए। आप उन लोगों से प्यार करोगे, क्योंकि आपने उन्हें माफ कर दिया है।

ठीक उसी तरह जिस तरह अपने आप को माफ कर दिया। आप जानते हो कि आप इसके लिए पर्याप्त माफी नहीं मांग सकते, लेकिन हकीकत में यह वह समय है जब आप अपने क्रिकेट को आगे आने दें और जो सीखा है उसे लागू करें।

साथ ही इस मौके का पूरी तरह से फायदा उठाएं। बैनक्राफ्ट का प्रतिबंध 30 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। प्रतिबंध समाप्त होने के बाद वह बिग बैश लीग (बीबीएल) में पर्थ स्कोचर्स की ओर से खेलते दिखाई दे सकते हैं।

बैनक्राफ्ट ने बताया कि जब वह वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के प्री-सीजन ट्रिप में ब्रिसबेन टीम के कोच एडम वोजेस के पास गए तो कोच ने उनसे साफ लहजे में पूछा कि उन्हें क्यों टीम में शामिल किया जाना चाहिए?

इस सलामी बल्लेबाज ने कहा कि यह उनके लिए निराशाजनक था। बैनक्राफ्ट ने लिखा कि जब आप कोच के पास अपना दावा लेकर जाते हैं तो आपको महसूस होता है

कि आपको यह बात माननी पड़ेगी कि क्रिकेट शायद फिर से आपकी जिंदगी का हिस्सा ना हो, तब तक जब तक आप यह नहीं मान लेते की आप वह कैमरून बैनक्राफ्ट हो जो क्रिकेट को एक पेशे की तरह जीता है, ना कि वह कैमरून बैनक्राफ्ट जो एक क्रिकेट खिलाड़ी है, तब तक आप आगे नहीं बढ़ पाओगे।

बैनक्राफ्ट ने कहा कि योगा करने से उन्हें काफी मदद मिली। उन्होंने लिखा कि नए दोस्त बनाए जाएंगे। समान रुचि वाले महान लोग मिलेंगे। हो सकता है क्रिकेट आपके लिए ना हो,

आप अपने आप से पूछते हो.. क्या आप वापसी करोगे? योगा करने से काफी मदद मिली। यह सच्चाई अस्तित्व में है, यह कई बार मानना मुश्किल होता है।

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