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ऑस्ट्रेलियन ओपन : ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के नंबर एक दावेदार है नोवाक जोकोविच

वह हाल में अपनी कोहनी की चोट के चलते भी परेशान रहे हैं।

विश्व के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच सोमवार से यहां शुरू हो रहे साल के पहले ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के नंबर एक दावेदार बताए जा रहे हैं।

हालांकि पुरुष एकल में बिग फोर पर सभी की नजरें होंगी जिसमें जोकोविच के अलावा विश्व के दूसरे नंबर के खिलाड़ी राफेल नडाल, छह बार के विजेता व गत चैंपियन रॉजर फेडरर और ब्रिटेन के एंडी मरे शामिल हैं।

27 जनवरी तक चलने वाले इस टूर्नामेंट का यह ओपन इरा का 51वां सत्र है। भारत की तरफ से प्रजनेश गुणेश्वरन मुख्य दौर में पहुंचे हैं।

सर्बिया के जोकोविच पिछले दो बार इस ग्रैंड स्लैम से जल्दी बाहर हुए हैं। वह हाल में अपनी कोहनी की चोट के चलते भी परेशान रहे हैं।

जोकोविच की राह भी आसान नहीं रहेगी क्योंकि उनके सामने फॉर्म में चल रहे फेडरर हैं। हालांकि मरे पहले ही कह चुके हैं कि यह टूर्नामेंट उनके प्रोफेशनल करियर का आखिरी टूर्नामेंट हो सकता है क्योंकि वह कूल्हे की चोट से परेशान हैं।

अपने आखिरी टूर्नामेंट को वह हर हाल में जीतना चाहेंगे। वहीं, 17 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता 32 वर्षीय नडाल भी ज्यादातर चोट से घिरे रहते हैं और उन्होंने ब्रिसबेन इंटरनेशनल से चोट के चलते ही अपना नाम वापस ले लिया था।

पिछले साल भी वह चोट के कारण ही कम टूर्नामेंटों में खेलने उतरे थे।

हैट्रिक लगाना चाहेंगे फेडरर :

स्विट्जरलैंड के फेडरर इस समय शानदार फॉर्म में है और उन्होंने हाल ही में अपने दम पर अपने देश को हॉपमैन कप में खिताबी जीत दिलाई थी।

वह लगातार दो बार से ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीतते आ रहे हैं और इस बार उनकी नजरें इस टूर्नामेंट की खिताबी हैट्रिक लगाने की रहेगी।

हालांकि उनकी उम्र का उनके प्रदर्शन पर कोई असर नहीं दिख रहा है और उन्होंने 35 की उम्र में 2017 और 36 की उम्र में 2018 का खिताब अपने नाम किया।

मरे और नडाल के चोटों से परेशान होने से 20 बार के ग्रैंडस्लैम विजेता तीसरे वरीय फेडरर के लिए राह थोड़ी आसान रह सकती है।

टूर्नामेंट में शीर्ष वरीय जोकोविच ने पिछले साल विंबलडन और यूएस ओपन के खिताब अपने नाम किए थे। जोकोविच जब 21 साल के थे तब उन्होंने 2008 के सेमीफाइनल में गज विजेता फेडरर को चौंकाया था।

सेरेना जीतना चाहेंगी 24वां ग्रैंड स्लैम खिताब

अमेरिकी खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने जब 2017 का ऑस्ट्रेलियन ओपन का एकल खिताब जीता था तब वह आठ सप्ताह की गर्भवती थीं और पिछले साल उन्होंने इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया था।

अब वह मेलबर्न में वापसी कर रही हैं तो उनकी कोशिश मार्टरेट कोर्ट के 24 एकल ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी करने की रहेगी।

23 ग्रैंड स्लैम एकल खिताब जीतने वाली 37 वर्षीय सेरेना को पिछले साल यूएस ओपन के फाइनल में जापान की नाओमी ओसाका ने हराया था। सेरेना इस बार उलटफेर से बचना चाहेंगी।

वहीं टूर्नामेंट की शीर्ष वरीय सिमोना हालेप अपने कोच डेरेन काहिल के बिना टूर्नामेंट में उतरेंगी जो पारिवारिक कारणों के चलते कुछ महीने के लिए टेनिस से दूर चले गए हैं।

इसका खामियाजा उन्हें सिडनी इंटरनेशनल में मिला जहां वह जल्दी एश्ले बार्टी से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। सेरेना की बड़ी बहन वीनस विलियम्स भी कोर्ट पर उतरेंगी।

हालांकि गत विजेता कैरोलिन वोज्नियाकी भी खिताब की दौड़ में शामिल हैं। उन्होंने पिछले साल फाइनल में रोमानिया की हालेप को हराया था। 2016 की विजेता एंजेलिक कर्बर और स्लोन स्टीफंस भी अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका सकती हैं।

गर्मी से बचने के लिए नए नियम

बेहद गर्म परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ऑस्ट्रेलियन ओपन में हीट स्ट्रेस स्केल का प्रयोग किया जाएगा जो बताएगा कि कब खेलना सुरक्षित है।

खिलाड़ियों को बेहोशी और गर्मी से बचने में मदद करने के लिए ग्रैंड स्लैम में पहली बार हीट स्ट्रेस स्केल का उपयोग किया जाएगा। इससे तापमान, आर्द्रता, हवा की गति, सूर्य का कोण और बादल की मौजूदगी को मापा जा सकेगा।

जरूरत पड़ने पर खेल को रोका जा सकेगा। नए नियम के मुताबिक अगर महिला एकल के मुकाबले तीन सेट तक चले तो दूसरे और तीसरे सेट के बीच 10 मिनट का ब्रेक दिया जाएगा।

वहीं, अगर पुरुष एकल के मुकाबले चार या उससे ज्यादा सेट तक चले तो तीसरे सेट के बाद 10 मिनट का ब्रेक मिलेगा जबकि अगर हीट स्ट्रेस का स्तर ऊपर चढ़ा तो मुकाबले को स्थगित भी किया जा सकता है।

इससे पहले जब गर्मी का स्तर 40 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता था तभी खेल को रोका जाता था या कोर्ट की छत को कवर किया जाता था। हाल के वषोर् में मेलबोर्न पार्क में घुटन भरा मौसम खिलाड़ियों के लिए बड़ी समस्या रहा है।

ऑस्ट्रेलियन ओपन के निर्णायक सेट में नए टाईब्रेक नियम भी शामिल किए गए हैं। इसमें अंतिम सेट में 6-6 से स्कोर बराबर होने के बाद पहली बार पारंपरिक पूर्ण सेट की जगह विस्तृत टाईब्रेक खेल जाएगा।

निर्णायक टाईब्रेक को जीतने के लिए खिलाड़ी को पहले 10 अंक तक पहुंचना होगा और इस दौरान कम से कम दो अंक का अंतर होना चाहिए।

इस नियम के बाद अब चारों ग्रैंड स्लैम में अलग-अलग नियम हैं। फ्रेंच ओपन में अब भी निर्णायक सेट में टाईब्रेक का इस्तेमाल नहीं होता।

अन्य ग्रैंड स्लैम में विंबलडन में 2019 से निर्णायक सेट में 12-12 के स्कोर पर टाईब्रेक का इस्तेमाल होगा जबकि अमेरिकी ओपन में 6-6 के स्कोर पर पारंपरिक टाईब्रेक होगा।

– 31 वर्षीय नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब छह बार जीता है। वह सबसे ज्यादा बार यह खिताब जीतने के मामले में संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर हैं।

उनके अलावा रॉय इमरसन और रोजर फेडरर ने छह-छह बार यह ट्रॉफी हासिल की है

-11 बार ऑस्ट्रेलियन ओपन ऑस्ट्रेलिया की महिला खिलाड़ी मार्गरेट कोर्ट ने जीता है। दूसरे नंबर पर अमेरिका की सेरेना विलियम्स (7) हैं।

-300 करोड़ रुपए ऑस्ट्रेलियन ओपन में इस बार की कुल विजेता राशि है, जिसे एकल और युगल के विजेता में बांटा जाएगा। पिछली बार की तुलना में इस बार इसे 14 प्रतिशत बढ़ाया गया है।

 

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