पहली बार किसी सांसद ने बेटी को स्तनपान कराते हुए दिया संसद में भाषण

ऑस्ट्रेलियाई सासंद लैरीजा वाटर्स एक बार फिर स्तनपान को लेकर चर्चा में हैं। वो संसद में स्तनपान कराते हुए संसद में प्रस्ताव पेश करने वाली पहली सांसद बन गई हैं। ऑस्ट्रेलिया की ग्रीन पार्टी की सांसद लैरीजा ने कोयला खदान मजदूरों को होने वाली फेफड़े की बीमारी से जुड़ा एक प्रस्ताव संसद में पेश किया। इस दौरान लैरीजा अपनी सात महीने की बेटी को स्तनपान कराती रहीं। इससे पहले इसी साल फरवरी में वो तब चर्चा में आई थीं जब उन्होंने संसद में अपनी बेटी को स्तनपान कराने की तस्वीर ट्विटर पर शेयर की थी जो वायरल हो गई थी। आठ फरवरी 1977 को जन्मी टैरीजा क्वींसलैंड से सांसद हैं।

लैरीजा के स्तनपान कराते हुए प्रस्ताव पेश करने के वीडियो के साथ ही ट्विटर पर एक और तस्वीर शेयर की जा रही है जिसमें ग्रीन पार्टी के नेता रिचर्ड डी नताले सदन में ही लैरीजा की बेटी को गोद में खिलाते हुए नजर आ रहे हैं। ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा है, “इसे कहते असली उदार बॉस।” फरवरी में लैरीजा अपने बेटी के जन्म के 10 हफ्ते बाद ही काम पर लौट आई थीं। लैरीजा द्वारा संसद में स्तनपान कराने को स्थानीय मीडिया ने ऐतिहासिक बताते हुए इसे अपनी तरह की पहली घटना कहा था।

अपनी बेटी को स्तनपान कराने की तस्वीर शेयर करते हुए लैरीजा ने लिखा था, “मुझे बहुत गर्व है कि मेरी बेटी आलिया पहली ऐसी बच्ची है जिसने संसद में स्तनपान किया है।” ऑस्ट्रेलिया में फरवरी 2016 में नए नियम बनाए गए थे जिनके तहत महिलाओं और पुरुषों को अपने कामकाज के स्थल पर बच्चों को ले जाने की इजाजत दी गयी थी। इन नए नियम के तहत महिलाएं काम की जगह पर अपने बच्चों को स्तनपान भी करा सकती हैं। इससे पहले सांसद में बच्चों को लाने की अनुमति नहीं थी।

लैरीजा संसद में बच्चों के न लाने के नियम में बदलाव करने वालों में अग्रणी रही थीं। लैरीजा का तर्क था कि संसद में युवा महिलाओं की संख्या बढ़ने से ये बदलाव जरूरी था। इस बदलाव से नए माता-पिता बने दंपतियों को परिवार की देखभाल में ज्यादा सुविधा होगी। जब ऑस्ट्रेलियाई कानून में बदलाव हुआ तो उसका लाभ लेने वाले सासंदों में लैरीजा सबसे आगे रहीं।

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