छत्तीसगढ़

अधिकारियों को दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील होना जरूरी : बोरा

रायपुर : अधिकारियों का दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील होना आवश्यक है। जब आप अपने फील्ड में जाए, तो अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयत्न करें। यह कहना था समाज कल्याण विभाग के सचिव सोनमणि बोरा का। उन्होंने यह 20 जुलाई को माना स्थित राज्य संसाधन एवं पुनर्वास केन्द्र के सभाकक्ष में 2015 बेच के डिप्टी कलेक्टरों से कहा।

उन्होंने डिप्टी कलेक्टरों को समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाए जाने वाले विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। दिव्यांगता के प्रकार, दिव्यांगजन अधिनियम, विभिन्न पेंशन योजनाओं की जानकारी दी गयी। सोनमणि बोरा ने बताया कि दिव्यांगजनों को पेंशन योजना का सही लाभ मिल सके। इसके लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के तहत आधार कार्ड से बैंक के खाता नम्बर का सीडिंग किया जा रहा है। बोरा ने विभाग द्वारा तृतीय लिंग समूह के व्यक्तियों के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तृतीय लिंग के व्यक्तियों के परिचय पत्र बनवाए जा रहे है। उनका मेडिकल बोर्ड है, जिसमें मनोचिकित्सक भी होते हैं। तृतीय लिंग के व्यक्तियों को अधिक से अधिक कौशल विकास योजना से जोडऩे प्रयास किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि 2015 बेच के 22 डिप्टी कलेक्टरों की ट्रेनिंग प्रशासनिक प्रशिक्षण अकादमी निमोरा में चल रही है। प्रशिक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टरों ने दिव्यांगजनों हेतु समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाए जा रहे गेट लेब, फिजिकल रिफरल रिहैबिली टेंशन सेन्टर का भ्रमण किया गया। इस अवसर पर विभाग के सचिव सोनमणि बोरा ने परिसर में कदम का पौधा, विभाग के डायरेक्टर संजय अलंग ने बादाम का पेड़, प्रशासनिक अकादमी के प्रशिक्षण संचालक डी.एल. वर्मा तथा गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड के श्री मनीष ने नीबू के पेड़ लगाए। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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