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कंकणाकार सूर्य ग्रहण को लेकर जागरूकता अभियान

शिक्षक ने बच्चों को सूर्यग्रहण देखने का बताया तरीका

सोनू सेन की रिपोर्ट पिथौरा
पिथौरा: पिथौरा छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा पिथौरा इकाई द्वारा आगामी 26 दिसंबर को होने वाले कंकणाकर सूर्य ग्रहण के अवलोकन को लेकर एक जागरूकता शिविर का आयोजन शासकीय उच्च प्राथमिक शाला कसहीबाहरा में किया गया।

छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष हेमंत खुटे ने इस दौरान बच्चों को बताते हुए कहा कि पृथ्वी के चारों ओर घूमते हुए कभी-कभी चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है यह घटना सूर्यग्रहण कहलाती है। कुछ दूसरे अवसरों पर पृथ्वी की छाया के सामने चंद्रमा आ जाता है यह घटना चंद्रग्रहण कहलाती है । चूंकि चन्द्रमा और पृथ्वी दोनों ही सूर्य से छोटे हैं ।

अतः इनके द्वारा निर्मित छाया शंकु आकर की होती है।सूर्यग्रहण केवल अमावस्या को और चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा को ही होता है। कंकणाकार सूर्यग्रहण के अवसर पर चंद्रमा के काले डिस्क के चारों ओर सूर्य की सुनहरी आभा एक कंकण की तरह दिखाई देती है इसलिए इसे कंकणाकार सूर्यग्रहण कहा गया है ।

ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा द्वारा सूर्य उत्सव के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में कंकणाकार सूर्यग्रहण को लेकर गांव ,कस्बे,स्कूलों व कालेजों में जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि इस खगोलीय घटना को ज्यादा से ज्यादा लोग देख सके।
इस अभियान में 25000 लोगो को सोलर फिल्टर चश्मा के माध्यम से सूर्य ग्रहण दिखाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विद्यार्थियों एवं आम लोगों को सुरक्षित रूप से सूर्यग्रहण को देखने के लिए सोलर फ़िल्टर चश्मा की व्यवस्था की गई है।
शासकीय उच्च प्राथमिक शाला कसहीबाहरा के विद्यार्थियों को संस्था प्रमुख हेमन्त खुटे द्वारा निःशुल्क सोलर फिल्टरयुक्त चश्मा वितरण किया गया है।

उन्होंने लोगों से अपील की है कि सूर्यग्रहण को देखने के लिए विशेष गुणवत्तायुक्त सोलर फिल्टर चश्मा या टेलीस्कोप का उपयोग करें खुली आंखों या एक्सरे फ़िल्म के माध्यम से कतई ना देखें ।

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