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एक्सिस बैंक संकट में : बिकने के आसार, कौन है दावेदार

नई दिल्ली: एक्सिस बैंक में संकट गहराता जा रहा है। रिजर्व बैंक के सवाल उठाने के बाद एक्सिस बैंक की सीईओ शिखा शर्मा का कार्यकाल घटाकर 7 महीने कर दिया है। ऐसे में बैंक में कोई बड़ा लीडर नहीं दिख रहा है। जापान की ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का मानना है कि इस समय एशिया के सबसे अमीर बैंकर उदय कोटक को एक्सिस बैंक को खरीदने के लिए बोली लगा देनी चाहिए।

एक्सिस बैंक की लोन बुक कोटक महिंद्रा बैंक से दोगुनी है। उदय कोटक प्राइवेट बैंक कोटक महिंद्रा बैंक के प्रमुख हैं।नोमुरा की ये रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब एक्सिस बैंक की MD और CEO शिखा शर्मा का कार्यकाल घटाकर सिर्फ 7 महीने का कर दिया गया है। वो अब सिर्फ दिसंबर 2018 तक ही अपने पद पर बनी रहेंगी। नोमुरा ने कहा कि शिखा शर्मा के बैंक छोड़ने से कोटक के पास एक्सिस बैंक को खरीदने का बड़ा अवसर है।

नोमुरा के अनुमान के मुताबिक मौजूदा भाव पर एक्सिस बैंक के शेयरहोल्डर्स को हर 2.15 शेयर पर कोटक का 1 शेयर मिलेगा। इस तरह कोटक का बैंक में हिस्सा मौजूदा 30 फीसदी से घटकर 17.6 फीसदी हो जाएगा। दिसंबर 2018 तक उदय कोटक के लिए कोटक महिंद्रा बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाना जरुरी है।बुधवार को एक्सिस बैंक का शेयर 1 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। वहीं कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 0.5 फीसदी तेजी के साथ कारोबार कर रहा था।

नोमुरा के मुताबिक एक्सिस बैंक से जुड़ी अधिकतर बुरी खबरें सामने आ चुकी हैं। विलय की पिछली बातों से अब तक कोटक के शेयर में एक्सिस बैंक के शेयर से 30 फीसदी तेजी आ चुकी है। अगर विलय होता है तो दोनों बैंक की 5,760 ब्रांच हो जाएंगी।एक्सिस बैंक की CEO शिखा शर्मा आखिर क्यों छोड़ रही हैं पदअभी ICICI बैंक की 4,860 ब्रांच है। विलय होने के बाद कोटक बैंक के डिपॉजिट 5 गुना बढ़कर 5.97 लाख करोड़ हो जाएंगे।

उदय कोटक ने पिछले साल मई में अपनी 1 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी। रिजर्व बैंक के नियम के मुताबिक जून अंत तक उदय कोटक को अपनी हिस्सेदारी 30 फीसदी तक लानी है। दिसंबर तक इसको घटाकर 20 फीसदी करना है। मार्च 2020 तक उदय कोटक को अपनी हिस्सेदरी 15 फीसदी तक लानी होगी।

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