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अयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में 20वें दिन की सुनवाई आज

आज भी मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील राजीव धवन की बहस जारी

नई दिल्लीःचीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ अयोध्या मामले को लेकर सुनवाई कर रही है. इस संवैधानिक पीठ में जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस ए नजीर भी शामिल हैं. आज इस मामले की सुनवाई का 20 वा दिन है.

ज़मीन के एक हिस्से में अखाड़ा का पूजा करने का अधिकार

आज भी मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील राजीव धवन की जारी बहस रहेगी. 19वें दिन की सुनवाई में वकील राजीव धवन ने कहा था कि विवादित ज़मीन के एक हिस्से में निर्मोही अखाड़ा पूजा करता था. ज़मीन के एक हिस्से में अखाड़ा का पूजा करने का अधिकार है.

राजीव धवन के ऐसा कहने पर सुनवाई करने वाले जजों ने कई सवाल पूछे थे. सबसे पहला सवाल जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने पूछा था कि अगर ज़मीन के एक हिस्से में निर्मोही अखाड़ा के पूजा करने का अधिकार है तो फिर देवता का भी अधिकार हो जाता है और देवता का अधिकार पूरे ज़मीन पर हो सकता है.

पूजा के अधिकार से ज़्यादा अधिकार देवता का होता है. इस बात का धवन ने कोई ठोस जवाब ना देते हुए कहा कि सवाल ये है कि पूजा का अधिकार ज़मीन के किस हिस्से पर है.जस्टिस अब्दुल नज़ीर ने फिर पूछा था कि क्या आपको निर्मोही अखाड़ा के पूजा के अधिकार से कोई आपत्ति नहीं है.

इसपर धवन ने कहा था कि कोई आपत्ति नहीं है.जस्टिस अशोक भूषण ने कहा था कि यानी आप मान रहे हैं कि उस विवादित ज़मीन पर मंदिर और मस्जिद दोनों एक साथ मौजूद थे.धवन ने फिर समझाया था कि दरअसल मस्जिद का एक बाहरी हिस्सा है जहां राम चबूतरा स्थित था.

राम चबूतरा के आगे एक दरवाजा हुआ करता था जहां से लोग मस्जिद में नमाज़ पढ़ने जाया करते थे.राम चबूतरा का जो हिस्सा है वहां निर्मोही अखाड़ा को पूजा का अधिकार है. लेकिन पूरे विवादित ज़मीन पर मालिकाना हक नहीं है. पूरे ज़मीन पर मुस्लिम पक्षकारों का ही मालिकाना हक है. हां ये ज़रूर है कि राम चबूतरा पर निर्मोही अखाड़ा पूजा कर सकता है.

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