मुस्लिमों के लिए धार्मिक स्थल नहीं है अयोध्या- उमा भारती

बाबरी विध्वंस मामले में बीजेपी के तीन नेताओं पर आपराधिक षड़यंत्र का मामला चल रहा है

नई दिल्ली :

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा गुरुवार को ‘राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मे मुस्लिमों का नमाज पढ़ना है कि नहीं इस मामले का फैसला अभी नहीं हुआ है कि केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने राम मंदिर मुद्दे पर बयान दे दिया.

उमा भारती ने गुरुवार कहा कि ‘राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद क्षेत्र पर विवाद कभी धार्मिक नहीं था लेकिन इसे ऐसा बना दिया गया.’

उमा भारती ने कहा कि विवादित क्षेत्र मुस्लिमों के लिए कभी धार्मिक स्थल नहीं बन सकता. यह ठीक वैसे ही है जैसे वह मक्का को पवित्र जगह मानते हैं. उन्होंने कहा कि यह धार्मिक विवाद का मामला नहीं है. अयोध्या हिंदुओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां भगवान राम का जन्म हुआ.

मुस्लिमों के लिए यह धार्मिक स्थल नहीं है. इस मामले को तूल देकर गढ़ा गया है और यह जमीन के विवाद में तब्दील हो गया है. उमा ने कोर्ट के बाहर भी इस मसले को सुलझाने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि इस मसले को कोर्ट के बाहर भी सुलझाया जा सकता था.

हालांकि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के राम मंदिर पर सुनवाई शुरू करने को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वह आशा करती है कि इस मामले पर जल्द फैसला आएगा. बता दें कि बाबरी विध्वंस मामले में बीजेपी नेता उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी और लाल कृष्ण आडवाणी पर आपराधिक षड़यंत्र का मामला चल रहा है.

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