अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी भूमि विवाद मामले में सुनवाई आज

तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति ने सीलबंद लिफाफे में अंतरिम रिपोर्ट सौंप दी

नई दिल्ली: अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी भूमि विवाद के सर्वमान्य हल के लिये उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति ने सीलबंद लिफाफे में अंतरिम रिपोर्ट सौंप दी है. मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री को छह मई को रिपोर्ट सौंप दी गई थी और इस मामले पर आज सुनवाई होगी.

जस्टिस खलीफुल्ला कमेटी ने मध्यस्थता को लेकर अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी है. इसी को लेकर शुक्रवार सुबह 10.30 बजे सुनवाई होगी. CJI रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ मामले की सुनवाई करेगी.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 8 मार्च को अपने फैसले में मामले में मध्‍यस्‍थता को मंजूरी दे दी थी और तीन मध्‍यस्‍थों की नियुक्ति भी की थी. इन मध्‍यस्‍थों में जस्टिस कलीफुल्ला , वकील श्रीराम पंचू और आध्यात्मिक गुरु श्री-श्री रविशंकर हैं. मध्‍यस्‍थता कमेटी ने 13 मार्च से सभी पक्षों को सुनना शुरू किया था.

इससे पहले 9 अप्रैल को रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में एक और याचिका दाखिल की गई थी. निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल की थी और इस याचिका में केंद्र सरकार की अयोध्या में अधिग्रहीत की गई अतिरिक्त जमीन को वापस देने की अर्जी का विरोध किया गया था. अखाड़ा ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट को पहले भूमि विवाद का फैसला करना चाहिए.

केंद्र के जमीन अधिग्रहण करने से अखाड़ा द्वारा संचालित कई मंदिर नष्ट हो गए. ऐसे में केंद्र को ये जमीन किसी को भी वापस करने के लिए नहीं दी जा सकती. अखाड़ा ने ये भी कहा था कि रामजन्मभूमि न्यास को अयोध्या में बहुमत की जमीन नहीं दी जा सकती.

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