छत्तीसगढ़

दिव्यांग से घूस लेने वाले बाबू और प्यून गिरफ्तार

भिलाई : जिला आयुर्वेद अधिकारी कार्यालय दुर्ग के बाबू को एन्टी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया है। बाबू अपने विभाग के दिव्यांग प्यून (औषधालय सहायक) से नियमित करने के नाम पर रिश्वत मांग रहे थे। एसीबी ने बाबू के टेबल के ड्रॉज से घूस की रकम 2000 भी जब्त किया है। बाबू के साथ लेन-देने में सहयोग करने वाले सहयोगी प्यून दिलीप कुमार को भी गिरफ्तार किया है। दोनों को देर शाम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

क्या है पूरा मामला ; एसीबी एसके सेन ने कहा कि जिला आयुर्वेद कार्यालय दुर्ग का बाबू (सहायक ग्रेड-2) अरुण शाह ने प्यून से नियमित होने का आदेश जारी करने के लिए 5000 रुपए रिश्वत मांगी थी। इसकी पहली किस्त 2500 रुपए वह पहले ही ले चुका था। आरोपी ने पहली किस्त लेकर आदेश जारी कर दिया, लेकिन वेतन संशोधन आदेश अटका दिया। बकाया रकम मिलने पर ही आगे की प्रकिया पूरी करने की बात कहकर तकादा करता था। पीडि़त प्यून ने इसकी शिकायत एसीबी से की थी। इस पर एसीबी ने मंगलवार को पीडि़त को 500 के 4 नोट के साथ बाबू के पास भेजा था। आरोपी ने रुपए सीधे लेने के बजाए अपने ड्रॉज में डलवा लिया। इसके बाद पीडि़त से इशारा मिलते ही एसीबी ने आरोपी बाबू और उसके सहयोगी प्यून को गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि जिला आयुर्वेद अधिकारी कार्यालय में स्थापना शाखा का पूरा काम बाबू के हाथ में था। इसमें भर्ती व नियमितिकरण के मामले भी थे। बाबू के हस्ताक्षर के बाद ही फाइलें डीओ तक जाती थी। बाबू ने नियमितिकरण व वेतन संशोधन की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर पीडि़त से पैसे की मांग की थी। बाबू ने प्यून दिलीप कुमार को सहयोगी के रूप में अपने अधीन कर रखा था। प्यून दिलीप आफिस के कामकाज के साथ बाबू के लिए लेन-देन का कार्य भी करता था। पीडि़त के मुताबिक पहली बार बाबू से बातचीत होने के बाद प्यून दिलीप ही लेन-देन की बात करता था।
बताया जा रहा है कि पीडि़त दीपक यादव का दायां पैर नकली है। वर्ष 2008 में एक दुर्घटना के बाद उसका पैर काटना पड़ा था। पीडि़त दीपक गरीबी के कारण केवल दसवीं तक पढ़ाई कर सका। आठवीं उत्तीर्ण के आधार पर विकलांग कोटे में उसकी नौकरी औषधालय सहायक के रूप में लगी थी।
एसीबी ने आयुर्वेद अधिकारी कार्यालय में कागजी कार्रवाई के बाद देर शाम आरोपी बाबू और प्यून को धारा 13(1)(डी) और धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। जहां से दोनों आरोपियों को 15 दिन के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
एसीबी अधिकारी एसके सेन ने बताया कि आयुर्वेद अधिकारी कार्यालय के बाबू ने दिव्यांग सहायक से 5 हजार रिश्वत मांगी थी। पीडि़त की शिकायत पर छापामार कार्यवाही की गई। जिसमें बाबू और उसके सहयोगी एक प्यून को रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तार किया गया है।

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