छत्तीसगढ़

टीका लगाने के 12 घंटे के अंदर शिशु की मौत

बेमेतरा।

सरकार द्वारा महिलाओं की गर्भावस्था से लेकर बच्चों की किशोरावस्था तक टीका लगवाने के लिए विभिन्न टीकाकरण अभियान चालए जाते हैं। लेकिन यही टीकाकरण अभियान जब किसी शिशु की मौत का कारण बन जाता है तो लोगों में ऐसे टीकाकरण के प्रति मन में भय भी उत्पन्न होने लगता है। और सरकार के प्रयासों में भी पानी फिरने लगता है।

ताजा मामला ग्राम पंचायत ढ़ोलिया का है जहां आंगनबाड़ी केंद्र ढ़ोलिया में एक शिशु को टीका लगाने के कुछ घंटों बाद उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि टीका लगने के 12 घण्टे के अंदर मासूम बालक की मौत हो गई। अपने बच्चे को खोने के बाद परिजनों ने थाने में एफआईआर दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं।

जांच में भले ही कुछ भी आए लेकिन यह सच है कि मासूम का जीवन वापस नहीं आएगा। हमारा कहना कतई यह नहीं है कि टीका नहीं लगाना चाहिए, टीका शिशुओं की सुरक्षा के लिए होते हैं और इनसे सुरक्षा होती भी है।

लेकिन जांच का विषय यह है कि किसकी लापरवाही से इस मासूम को अपनी जान गंवाना पड़ा, इसकी जांच होनी चाहिए और फिर से गलती न हो इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए। साथ ही दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देना चाहिए। जिससे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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टीका लगाने के 12 घंटे के अंदर शिशु की मौत
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