ख़राब चप्पल बेचना पड़ा महंगा, अब भरना पड़ेगा इतना पैसा

रायपुर।

लुभावने विज्ञापन को देखकर खरीदी करने से पहले संबंधित दुकानदार, कंपनी व उत्पाद का सही तरह से जांच परख कर लें अन्यथा त्यौहारी ऑफर, बंपर छूट की आड़ में मोटी कीमत चुकाने के बाद भी दुकानदार चूना लगा सकता है।

ऐसा ही एक मामला आया है जिसमें रोहणीपुरम निवासी अन्नपूर्णा तिवारी ने दुकानदार के लुभावने विज्ञापन के झांसे में आकर 15 अक्टूबर 2017 को 1099 रुपये की चप्पल बैजनाथ पारा स्थित होरिजन फूटवेयर से खरीदी थी।

इस दौरान दुकानदार ने बेहतर क्वालिटी का चप्पल बताते हुए जल्दी टूट जाने पर नया चप्पल देने का आश्वासन दिया था। खरीदी के दो दिन बाद ही चप्पट टूट गया। जिस पर अन्नापूर्णा तिवारी ने दुकानदार से नया चप्पल देने कहा लेकिन उसने नया चप्पल देने से इंकार कर दिया।

मामला फोरम पहुंचा, जहां दुकानदार को लुभावने विज्ञापन पर ग्राहक को घटिया क्वालिटी का सामान बेचने का दोषी पाया गया। फोरम ने अपने आदेश में कहा कि दुकानदार ने स्वयं के लाभ के लिए झूठा आश्वासन ग्राहक को दिया जो व्यापार व व्यवहारिक दृष्टि से उचित नहीं है।

फोरम ने ग्राहक को चप्पल की कीमत समेत शारीरिक, मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में तीन हजार रुपये की सहायता, वाद व्यय के दो हजार रुपये परिवादी को देने का फैसला सुनाया।

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