छात्रा से दुष्कर्म के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सज़ा

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कानून) शैलेंद्र पांडेय की अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 53 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

बागपत : जिले की एक अदालत ने रमाला थाना क्षेत्र के एक गांव में डेढ़ साल पहले कक्षा तीन की छात्रा से दुष्कर्म के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है।

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कानून) शैलेंद्र पांडेय की अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 53 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

एडीजीसी राजीव कुमार एवं वादी पक्ष के अधिवक्ता रामकुमार राठी ने बृहस्पतिवार को बताया कि रमाला क्षेत्र के एक गांव में चार अप्रैल 2018 को दोपहर ढाई बजे के करीब अनवर कक्षा तीन की आठ वर्षीय छात्रा को घर में झाडू लगवाने के बहाने से अपने घर ले गया था।

उन्होंने बताया कि यहां पर उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के दादा ने आरोपी अनवर के खिलाफ भादंसं की धारा 376, 506 एवं पोक्सो कानून के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

यह मुकदमा प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पोक्सो कानून) शैलेंद्र पांडेय की अदालत में चल रहा था। अभियोजन पक्ष की तरफ से आठ गवाह पेश किए गए। अभियुक्त अनवर पर दोष सिद्ध हुआ। बुधवार को सजा के अनुपात पर सुनवाई हुई।

अभियुक्त को धारा भादंसं की धारा 376 एवं पोक्सो कानून के तहत आजीवन कारावास, 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। जुर्माना नहीं देने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। भादंसं की धारा 506 के तहत उसे तीन साल की सजा एवं तीन हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

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