बजरंग, पिंकी ने जीता स्वर्ण, साक्षी ने किया निराश

नई दिल्ली। बजरंग पूनिया ने तुर्की के इस्ताम्बुल में यासर दोगु अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता जबकि संदीप तोमर को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत ने इस प्रतियोगिता में दस पदक जीते जिसमें सात पदक महिलाओं ने हासिल किये। महिलाओं के वर्ग में पिंकी स्वर्ण पदक जीतने वाली एकमात्र पहलवान रही। उन्होंने 55 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में उक्रेन की ओल्गा शानिडर को 6-3 से हराया लेकिन ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक ने निराश किया और वह 62 किग्रा भार वर्ग में पदक दौर तक पहुंचने में नाकाम रही।

महिलाओं ने हालांकि ओवरआल अच्छा प्रदर्शन किया तथा सात पदक जीते। राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन बजरंग पूनिया लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहा। उन्होंने इस महीने के शुरू में जार्जिया में तिबलिशी ग्रां प्री में सोने का तमगा जीता था। उन्हें 70 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण जीतने के लिये पसीना नहीं बहाना पड़ा क्योंकि उक्रेन के आंद्रे क्वायातकोवस्की चोट के कारण फाइनल मुकाबले से हट गये थे। पुरूषों के 61 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में संदीप ईरान के मोहम्मदबागर याखकेशी से 2-8 से हार गये। विक्की ने कल 57 किग्रा में कांस्य पदक जीता था।

भारत के अन्य पुरूष पहलवान अमित (65 किग्रा), जितेंद्र (74 किग्रा), पवन (86 किग्रा), दीपक (92 किग्रा), जशकवर सिंह (97 और 125 किग्रा) पदक दौर में पहुंचने में असफल रहे। महिलाओं के वर्ग में आज 53 किग्रा और 57 किग्रा में दो स्वर्ण पदक दांव पर लगे थे लेकिन सीमा और पूजा ढांडा फाइनल में हार गयी। सीमा को उक्रेन की क्रिस्टीना बेरेजा ने 2-10 से जबकि पूजा को उक्रेन की ही इरनिया खारिव ने 0-11 से शिकस्त दी। सरिता ने 62 किग्रा में तुर्की के कांसु अक्षोय को 10-0 से हराकर कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में साक्षी भी हिस्सा ले रही थी लेकिन वह अपने क्वालीफिकेशन में ही जीत दर्ज कर पायी और क्वार्टर फाइनल में इलमिरा गामबरोवा से आसानी से हार गयी।

यह साक्षी की इस साल गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने के बाद पहली प्रतियोगिता थी। रजनी 72 किग्रा के फाइनल में स्थानीय खिलाड़ी बेस्टी आतिग से 3-4 से हार गयी। संगीता फोगाट (59 किग्रा) और गीता (65 किग्रा) ने अपने अपने वर्गों में कांस्य पदक जीता। पूजा और पिंकी के अलावा साक्षी और किरण भी एशियाई खेलों के लिये भारतीय टीम में शामिल हैं। किरण भी यहां 76 किग्रा में पदक दौर में नहीं पहुंच पायी।

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