छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ शासन के आदेश को ठेंगा दिखाकर कर मरीज़ों से मोटी रकम ऐंठ रहा रायपुर का बालाजी अस्पताल- संजीव अग्रवाल

बालाजी अस्पताल में मरीज़ से सीटी स्कैन के लिए वसूले गए ₹ 5000 रुपये

रायपुर: छत्तीसगढ़ के आरटीआई और सामाजिक कार्यकर्ता संजीव अग्रवाल ने मीडिया के माध्यम से कोरोना वायरस से ग्रस्त एक मरीज़ को एक निजी अस्पताल द्वारा लूटने के मामले को गंभीरता से प्रशासन और शासन के संज्ञान में लाते हुए बताया है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तमाम घोषणाओं और योजनाओं के बावजूद भी आज कोरोना काल में निजी अस्पताल धड़ल्ले से प्रशासन और शासन के नियमों का उल्लंघन करते हुए उन्हें ठेंगा दिखा रहे हैं और इस आपदा के दौर में भी मरीज़ों को लूटने से बाज़ नहीं आ रहे हैं। मामला यह है कि चिरमिरी निवासी 65 वर्षीया शांति देवी को 20 अक्टूबर को चिरमिरी से मोवा, रायपुर स्थित बालाजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। उन्हें कोरोनावायरस पॉजिटिव पाया गया था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जहां वह इलाज के लिए जा रही हैं वहां उन्हें इलाज के नाम पर लूट लिया जाएगा।

संजीव अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार के मुताबिक कोरोना वायरस से ग्रस्त मरीज़ों के लिए सीटी स्कैन की दर ₹1800 रुपये निर्धारित की है लेकिन बालाजी अस्पताल में इस मरीज़ से सीटी स्कैन के लिए ₹ 5000 रुपये वसूले गए। पाँच दिन के बेड चार्ज के बजाय 6 दिनों का बेड चार्ज के रूप में ₹ 72000 रुपये वसूले गए। तमाम जांच-पड़ताल (मेडिकल टेस्ट) के नाम पर ₹ 42000 रुपये वसूले गए। आश्चर्य की बात है कि जब कोरोना वायरस की दवाई बनी ही नहीं है तो दवाई के नाम पर ₹ 109360 रुपये वसूल कर लिए गए। लेकिन बाद में जब मरीज़ पर पैसों का दबाव बनाया गया तो मरीज़ के रिश्तेदारों ने सवा दो लाख रुपये खर्च करने के बाद उसे रायपुर के सरकारी अस्पताल डॉ भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में ले जाने का निर्णय लिया। जिसके लिए मोवा, रायपुर से डॉ भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय तक जाने का एम्बुलेंस का किराया ₹ 2800 रुपये वसूल किया गया। मरीज़ की हालत देखते हुए, संजीव अग्रवाल ने जब डॉ भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय की सीएमओ से इस मरीज़ के लिए वेंटिलेटर की व्यवस्था के लिए मांग की तो सीएमओ साहिबा का जवाब आता है कि हमारे पास वेंटीलेटर नहीं है आप CMO रायपुर से बात करें।

संजीव अग्रवाल ने कहा है कि सरकार अपनी ओर से भरसक प्रयास कर रही है ताकि प्रदेश की जनता को कोई समस्या ना हो लेकिन सरकारी अधिकारियों की मनमानी और लापरवाही के कारण प्रदेश की जनता को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के निजी अस्पताल सरकारी नियमों को ताक पर रखकर मनमानी से स्वास्थ्य और चिकित्सा के नाम पर खुलेआम वसूली कर रहे हैं।

संजीव अग्रवाल ने कहा कि यह एक मामला है। ऐसे सैकड़ों मामले अलग अलग अस्पतालों में आते हैं। इस प्रदेश की जनता ने छत्तीसगढ़ को भाजपा की भ्रष्ट सरकार से मुक्त करने के लिए बड़े ही आस और भरोसे से काँग्रेस पार्टी की सरकार को 15 साल के बाद चुना है। इसीलिए मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से अपील करता हूँ कि ऐसे निजी अस्पतालों और ऐसे लापरवाह अधिकारीयों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रदेश की जनता के साथ न्याय करें।

संजीव अग्रवाल, आरटीआई कार्यकर्ता, रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
9425204900

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