छत्तीसगढ़

नाबालिग लड़की से बलात्कार,आरोपी को बालको पुलिस ने धर दबोचा

महिला के घर आने-जाने के दौरान गलत फायदा उठाकर उसकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कृत्य का आरोपी डेढ़ साल से अज्ञात रहा, नाम का खुलासा होते ही इस आरोपी को बालको पुलिस ने चंद घंटे के भीतर धर दबोचा है।

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा
संवाददाता : मनीषा त्रिपाठी

कोरबा : महिला के घर आने-जाने के दौरान गलत फायदा उठाकर उसकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कृत्य का आरोपी डेढ़ साल से अज्ञात रहा, नाम का खुलासा होते ही इस आरोपी को बालको पुलिस ने चंद घंटे के भीतर धर दबोचा है।

बालको थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा ने बताया कि थाना क्षेत्रांतर्गत करीब 17 वर्षीय किशोरी के साथ उसकी मां के घर आने-जाने के दौरान जान-पहचान बढ़ाकर अपहरण कर बलात्कार किया गया,इस मामले में पीड़िता लंबे समय तक खामोश रही और बलात्कारी का नाम नहीं बताया,जब बात हद से आगे बढ़ी और मां को पता चला तो उसने 2 जून 2019 को लिखित आवेदन बालको थाना में दिया।

नाबालिग लड़की के साथ अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बहला-फुसलाकर बलात्कार की शिकायत

नाबालिग लड़की के साथ किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बहला-फुसलाकर बलात्कार की शिकायत पर अपराध क्रमांक 191/19 पर धारा 363, 376 भादवि एवं पाक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गयी,इस संबंध में पीड़िता के द्वारा नाम नहीं बताए जाने से आरोपी की पहचान में पुलिस को परेशानी हो रही थी,वर्तमान में जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा के द्वारा महिला संबंधी अपराधों का निराकरण हेतु प्राप्त निर्देश के पालन में थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा के द्वारा फिर से पड़ताल शुरू की गई।

ज्ञात हुआ कि पीड़िता कोरबा के पड़ोसी जिले में एक आश्रम में रह रही है,उसकी जानकारी प्राप्त कर पीड़िता का कथन उस जिले के अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) के समक्ष कराया गया,पीड़िता ने आखिरकार आरोपी का नाम लिया जो बालको निवासी अशोक यादव पिता स्व. उमेश यादव 30 वर्ष होना बताया,उसके द्वारा कई बार गलत काम करने की जानकारी पीड़िता ने एसडीएम को दी,

कथन लेखबद्ध होने के साथ ही इस संबंध में बालको टीआई ने उच्च अधिकारियों को अवगत कराने पश्चात टीम गठित कर आरोपी को कोई मौका दिए बगैर चंद घण्टे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश कर जेल दाखिल करा दिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी में एएसआई नीलम, नरेन्द्र परिहार, आरक्षक संजू श्रीवास, महिला आरक्षक अनुसुईया भानू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button