बालकोनगर TI प्रमोद सिंह पर फिर लगा प्रताड़ना का आरोप

कोरबा: विवादित कार्यशैली की वजह से अक्सर सुर्खियों में बने रहने वाले बालको नगर के थाने के प्रभारी प्रमोद सिंह फिर एक बार विवादों में घिरते नजर आ रहे है. रिसदी इलाके में आदिवासियों को शराब बनाने के नाम पर प्रताड़ित करने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था की उनके ही थाने के सहायक उपनिरिक्षक ने उनपर बेहद गंभीर आरोप लगाए है।

उन्होंने इसकी छ पन्नो में लिखित शिकायत मुख्य चुनाव आयुक्त नई दिल्ली से की है। इसके अलावे उन्होंने इस मामले से जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को अभी अवगत कराया है. एक समाचार पत्र ऐसे हुई बातचीत में एएसपी जेपी बढ़ई ने पूरे मामले की निष्पक्षता से जाँच और फिर कार्रवाई की बात कही है।

दरअसल बालकोनगर थाने में पदस्थ सउनि राजेंद्र प्रसाद राठौर ने बताया है की उनकी पोस्टिंग रायगढ़ जिले में आरक्षक के तौर पर हुई थी जिसके बाद वह विभागीय पदोन्नति पाकर पिछले साल कोरबा भेजे गए. उन्होंने पिछले साल जून में बालको थाने में आमद दी थी।

उनका कहना है की टीआई प्रमोद कुमार थाने के सभी आरक्षक और अधिकारियों को प्रताड़ित करते है. उन्होंने पीके सिंह पर औद्योगिक संयंत्रों के बड़े अधिकारीयों से भी सांठ-गाँठ का आरोप लगाया है. इतना यही नहीं बल्कि उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से उन सभी मामलो को उजागर किया है जो की टीआई के कार्यशैली पर कई बड़े और गंभीर सवाल खड़े करते है. एएसआई के मुताबिक़ श्री सिंह सभी कर्मियों ने बदसलूकी करते है और उनके साथ गाली-गलौच भी करते है।

एएसआई की माने तो टीआई पीके सिंह के बेअदबी का आलम यह है की वह कोर्ट के आदेशों को भी नहीं मानते. जब कभी भी अलग अलग मामलो में उन्हें कोर्ट में पेश होना पड़ता है तब उन्हें रिलीव नहीं किया जाता. इतना यही नहीं बल्कि न ही सहायक और उपनिरीक्षकों को वाहन उपलब्ध कराये जाते और न ही अपने साथ ले जाने के लिए हमराह आरक्षक. श्री राठौर बताते है की उनके इन्ही आदतों की वजह से थाने के कई स्टाफ ने अपना तबादला अन्यत्र करा लिया है जबकि शेष उनके प्रतांडा को अब तक झेल रहे है. उनका मानना है की कई ऐसे मामले सामने आये है जिनपर टीआई ने अन्यायपूर्ण और एकपक्षीय कार्रवाई के लिए उनपर दबाव बनाया है।

गौर करने वाली बात है की सउनि राजेंद्र प्रसाद राठौर ने सार्वजनिक तौर पर टीआई के खिलाफ अपने फेसबुक वाल पर भी कई बड़ी बाते लिखि थी. एक समाचार पत्र के सवाल पर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने जांच और फिर कार्रवाई की बात कही है. गौर करने वाली बात है की टीआई प्रमोद सिंह की कार्यशैली हमेशा से ही विवादों में रही है।

पिछले दिनों उन्होंने अपने स्टाफ के साथ देर रात कुछ महिलाओ को भी बिना महिला आरक्षक के गिरफ्तार कर लिया था जिसके बाद आदिवासी समुदाय के लोगो ने एसपी से इसकी शिकायत की थी. टीआई के इस कारनामे के बाद आदिवासी समुदाय के संगठनो ने भी उन्हें बालको थाने से हटाने की बात कही थी. हालांकि चुनावी कार्यक्रम के चलते उनपर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो सकी थी।

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