उत्‍तर कोरिया द्वारा पूर्वी सागर में दागी गई बैलेस्टिक मिसाइल, अमेरिका ने कहा

अमेरिका ने इसे पूर्वी सागर को अस्थिर करने की एक कोशिश बताया

नई दिल्ली:उत्तर कोरिया ने अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडेन के पदभार संभालने के बाद गुरुवार को पहली बार बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया। उत्तर कोरिया का यह कदम अमेरिका के साथ कूटनीति में आए गतिरोध के बीच जो बाइडेन प्रशासन पर दबाव बनाने और अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए फिर से परीक्षण शुरू करने की ओर संकेत करता है।

अमेरिका ने इसे पूर्वी सागर को अस्थिर करने की एक कोशिश बताया है। अमेरिका की तरफ से ये भी कहा गया है कि ये संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पारित प्रास्‍ताव का साीधेतौर पर उल्‍लंघन है।

अमेरिका द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इस तरह की कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा और साथ ही अंतरराष्‍ट्रीय जगत में गलत संदेश जाएगा। संयुक्‍त राष्‍ट्र की एक अहम बैठक में आज इस संबंध में उत्‍तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जाएगा।

दक्षिण कोरिया न्‍यूज एजेंसी ने अमेरिका के रक्षा विभाग से मिले एक ईमेल के हवाले से लिखा है कि अमेरिका ने कोरिया और जापान की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसमें कहा गया है कि उत्‍तर कोरिया गैरकानूनी रूप से परमाणु और बैलेस्टिक मिसाइल प्रोग्राम चला रहा है। उत्‍तर कोरिया के प्रमुख किम का ये कदम अंतरराष्‍ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। इसके अलावा ये परमाणु हथियारों को बढ़ावा न देने की नीतियों के भी खिलाफ है।

गौरतलब है कि गुरुवार को उत्‍तर कोरिया ने अपनी बनाई नई टेक्टिकल गाइडेड मिसाइल का परीक्षण किया था। ये कम दूरी की बैलेस्टिक मिसाइल थीं। उत्‍तर कोरिया से जारी बयानों में भी इसकी पुष्टि की है।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिका और उसके सभी सहयोगी देशों को आगाह किया है कि उत्‍तर कोरिया द्वारा इस तरह से तनाव बढ़ाने पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्‍होंने कहा है कि वो अपने सभी सहयोगी देशों से इस बारे में विचार विमर्श किया है।

यदि उत्‍तर कोरिया ने तनाव बढ़ाने की कोशिश की तो उसको उसके मुताबिक जवाब भी दिया जाएगा। आपको बता दें कि संयुक्‍त राष्‍ट्र के प्रस्‍ताव के तहत उत्‍तर कोरिया पर बैलेस्टिक मिसाइल को बनाने और इसके परीक्षण पर रोक लगी हुई है।

गुरुवार को दागी गई दो मिसाइल से पहले उत्‍तर कोरिया ने रविवार 22 मार्च को भी दो क्रुज मिसाइल दागी थीं। हालांकि क्रुज मिसाइल का परीक्षण संयुक्‍त राष्‍ट्र द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के दायरे से बाहर है।

बाइउन ने कहा है कि उत्‍तर कोरिया के रवैये में कुछ बदलाव नहीं आया है। आपको बता दें कि उत्‍तर कोरिया ने गुरुवार को करीब एक वर्ष के अंतराल पर बैलेस्टिक मिसाइल का टेस्‍ट किया है। उत्‍तर कोरिया की ये नई मिसाइल करीब ढाई टन विस्‍फोटक ले जा सकती है।

अकादमी ऑफ डिफेंस साइंस ने इस परीक्षण को पूरी तरह से सफल बताया है। इसके मुताबिक मिसाइल ने करीब 600 किमी दूर अपने टार्गेट पर सटीक हमला किया।

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