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इंडियन सिल्वर दरबार के मॉडल के निर्यात पर रोक, करोड़ों रुपयों में है इसकी कीमत

भारत को 18 वीं सदी में ब्रिटिश उपनिवेश बनाने में क्लाइव की मुख्य भूमिका थी

लंदन:7,30,000 पाउंड (करीब सवा सात करोड़ रुपये) की ईस्ट इंडिया कंपनी के शीर्ष अधिकारी रॉबर्ट क्लाइव के इंडियन सिल्वर दरबार के मॉडल के निर्यात पर अस्थायी रूप से रोक लगाईं गई है। इस दरबार में गुलाब जल का फौव्वारा, पानदान और हुक्का भी हैं।

माना जाता है कि यह मुगलकालीन दरबार की झांकी है, जो रॉबर्ट क्लाइव ने तैयार कराई थी। इसका उल्लेख क्लाइव ऑफ इंडिया पुस्तक में भी है। भारत को 18 वीं सदी में ब्रिटिश उपनिवेश बनाने में क्लाइव की मुख्य भूमिका थी।

ब्रिटेन की सांस्कृतिक मामलों की मंत्री कैरोलिन डीनेज ने कहा है कि उन्होंने इस विरासत के निर्यात पर अस्थायी रोक लगाई है। यह आगामी अप्रैल तक लागू रहेगी। यह रोक सितंबर तक भी बढ़ाई जा सकती है। यह निर्णय भारत के साथ ब्रिटेन के मित्रता के मद्देनजर लिया गया है।

कैरोलिन ने कहा है कि यह खूबसूरत अनुकृति भारतीय दरबार की भव्यता की प्रतीक है। बताती है कि किस तरह से ब्रिटेन के प्रतिनिधि वहां पर बात करते थे। उन्होंने आशा जताई है कि इसकी अनुकृति की स्वामी संस्था इसको अपने पास बनाए रखेगी।

रॉबर्ट क्लाइव बंगाल के गवर्नर जनरल थे। बाद में उनकी संजोयी वस्तुओं को ब्रिटेन ले आया गया और इस दरबार समेत तमाम वस्तुएं अभी भी ब्रिटेन में हैं। माना जाता है कि दरबार की चांदी की यह अनुकृति सन 1766 में बनाई गई थी।

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