बांग्लादेश इलेक्शन : शेख हसीना की लगातार तीसरी बार विजयी होने की उम्मीद

इससे पहले देश में हिंसा और तनाव के बीच रविवार को मतदान संपन्न हो गया।

हिंसा में कम से कम 17 लोग मारे गए हैं। प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर धांधली के आरोप लगाए गए हैं।

बांग्लादेश में सोमवार को संभावित चुनाव परिणाम में शेख हसीना के लगातार तीसरी बार विजयी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

अभी तक के रुझान में उनकी पार्टी आवामी लीग 114 सीटों पर आगे चल रही है। बीएनपी सिर्फ दो सीटों पर आगे चल रही है।

हसीना ने गोपालगंज 3 सीट से एकतरफा जीत हासिल की है। जहां उनको 2,29,539 वोट मिले, तो वहीं उनके विरोधी बीएनपी उम्मीदवार को महज 123 वोट मिले हैं।

इससे पहले देश में हिंसा और तनाव के बीच रविवार को मतदान संपन्न हो गया। हिंसा में कम से कम 17 लोग मारे गए हैं। प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर धांधली के आरोप लगाए गए हैं।

चुनाव आयोग के मुताबिक, इस चुनाव में कुल 1848 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे हैं। कुल 300 में से 299 संसदीय सीटों के लिए कराए गए चुनाव में 40183 मतदान केंद्र बनाए गए थे। प्रत्याशी का निधन होने के बाद एक सीट पर मतदान नहीं हुआ है।

आठ जिलों हिंसा के दौरान मारे गए लोगों में सुरक्षा एजेंसी का एक सदस्य भी शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मरने वालों में सत्ताधारी पार्टी और बीएनपी या उसके सहयोगी दलों के कार्यकर्ता शामिल हैं।

चुनाव में कई हजार सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों सहित छह लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। बांग्लादेश में 10.41 करोड़ योग्य मतदाता हैं।

हसीना ने ढाका में किया मतदान

स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हुआ और शाम चार बजे तक जारी रहा। राजधानी के ढाका के सेंटर में सबसे पहले प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपना वोट डाला।

हसीना के रिश्तेदार और पार्टी सांसद फजले नूर तापस इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। मतदान के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि चुनाव में वह विजयी होंगी।

उन्हें जनता पर भरोसा है और बेहतर जीवन के लिए लोग उनके पक्ष में मतदान करेंगे।

जिया के चुनाव लड़ने पर पाबंदी

भ्रष्टाचार के आरोपों में 10 साल की जेल की सजा पा चुकी खालिदा जिया के चुनाव लड़ने पर पाबंदी है। ढाका जेल में बंद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की नेता आंशिक रूप से पक्षाघात की शिकार हो चुकी हैं।

जबकि रहमान कानून से बचने के लिए लंदन में रह रहे हैं। रहमान को 2004 की एक रैली पर हथगोले से हुए हमले की साजिश रचने के मामले में उम्रकैद की सजा दी गई है। इस रैली में अवामी लीग के 24 नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौत हुई थी।

बीएनपी के 10 प्रत्याशियों ने बहिष्कार किया

विपक्षी बीएनपी सहित कम से कम 10 प्रत्याशियों ने चुनाव का बहिष्कार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके एजेंटों को सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं ने मतदान केंद्रों से खदेड़ दिया।

बीएनपी के रुहुल कबीर रिजवी ने आरोप लगाया कि देश भर में मतदान केंद्रों पर कब्जा कर लिया गया है। कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हिंसा का सामना करना पड़ रहा है।

पहली बार ईवीएम का इस्तेमाल

पहली बार बांग्लादेश के आम चुनाव में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि यह सीमित स्तर पर ही प्रयोग में लाया गया है। कुछ मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायत के साथ ही मतदाताओं की मिश्रित प्रतिक्रिया रही।

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