बांग्लादेश के सबसे बड़े वेश्यालय के सेक्स वर्कर्स को कोविड-19 वैक्सीन लगाना शुरू

बांग्लादेश की सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण अभियान के बीच बड़ी पहल की

नई दिल्ली: बांग्लादेश के सबसे बड़े वेश्यालय के सेक्स वर्कर्स को कोविड-19 वैक्सीन लगाना शुरू हो चूका है. दक्षिण एशियाई देश 40 साल से ज्यादा अब तक करीब 3 मिलियन लोगों को एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन लगवा चुका है, लेकिन दौलतदिया शहर में सेक्स वर्कर्स के लिए उम्र की रुकावट को खत्म कर दिया गया है.

सेक्स वर्कर्स को कोविड-19 की लगाई जा रही वैक्सीन दौलतदिया के स्वास्थ्य प्रमुख आसिफ महमूद ने कहा, “कम से कम 100 सेक्स वर्कर्स ने पहले ही कोविड-19 का इस्तेमाल कर लिया है. ये बहुत जरूरी है कि सेक्स वर्कर्स का टीकाकरण किया जाए…हजारों लोग वेश्यालय आते हैं और बड़े वेश्यालय के सेक्स वर्कर्स को वायरस का सबसे ज्यादा खतरा है.”

बांग्लादेश की सरकार ने बुजुर्गों, स्वास्थ्य कर्मियों और सुरक्षा बलों को टीकाकरण अभियान की शुरुआत में प्राथमिकता दी है, लेकिन मंसूबा आखिरकार आबादी के 80 फीसद लोगों को सुरक्षित करने का है.

वेश्यालय के पहले सेक्स वर्कर्स को वैक्सीन लगवाने के लिए पांच किलोमीटर की यात्रा कर क्लिनीक पहुंचना पड़ा था, लेकिन महमूद ने बताया कि अधिकारी वेश्यालय के अंदर एक समर्पित वैक्सीन सेंटर का भी मंसूबा बना रहे हैं.

बांग्लादेश में देश के सबसे बड़े वेश्यालय से शुरुआत दौलतदिया के चीफ डॉक्टर मोहम्मद इब्राहिम ने बताया कि ‘कई जागरुकता अभियान’ चलाए जा रहे हैं जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित हो सकें.

बांग्लादेश में वेश्वावृत्ति 18 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिलाओं के लिए वैध है, और 11 वेश्यालय पूरे देश भर में संचालित हो रहे है. मार्च में एक महीने के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान अधिकारियों ने सभी वेश्यालय में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया दिया था.

बांग्लादेश करीब 30 मिलियन एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से खरीद रहा है और कोवैक्स पहल के तहत उसे अन्य 68 मिलियन डोज भी मिलेंगे. देश में कोरोना वायरस की वजह से 8,300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है जबकि करीब बुधवार तक 5 लाख 45 हजार लोग वायरस की चपेट में आ चुके हैं.

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