डूबा कर्ज बढऩे से 1,281.77 करोड़ रुपए पहुंचा बैंक का घाटा

रिजर्व बैंक के पास जमा और अन्य अंतर बैंक कोषों से भी उसकी ब्याज आय घटी

नई दिल्लीः सार्वजनिक क्षेत्र के सिंडिकेट बैंक को चालू वित्त वर्ष की जून में समाप्त पहली तिमाही में 1,281.77 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक को 263.19 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।

शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बैंक ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी आय घटकर 5,637.51 करोड़ रुपए रह गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 6,171.49 करोड़ रुपए थी।

बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी ब्याज आय घटकर 5,484.13 करोड़ रुपए से घटकर 5,257.19 करोड़ रुपए रह गई। इसके अलावा रिजर्व बैंक के पास जमा और अन्य अंतर बैंक कोषों से भी उसकी ब्याज आय घटी है।

तिमाही के दौरान बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) बढ़कर 12.59 प्रतिशत हो गईं, जो एक साल पहले 9.96 प्रतिशत थीं।

मार्च तिमाही में यह 11.53 प्रतिशत के स्तर पर थीं। इस दौरान बैंक का शुद्ध एनपीए भी बढ़कर 6.64 प्रतिशत हो गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 6.27 प्रतिशत तथा मार्च में समाप्त पिछली तिमाही में 6.28 प्रतिशत थी।

मूल्य के हिसाब से जून तिमाही के अंत तक बैंक का सकल एनपीए 26,361.52 करोड़ रुपए था, जो एक साल पहले 20,183.85 करोड़ रुपए रहा था। इस दौरान बैंक का शुद्ध एनपीए 12,188.30 करोड़ रुपए से बढ़कर 13,010 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

Back to top button