चीन तो बड़ा दुश्मन है, तिरंगा लेकर चीन मुर्दाबाद क्यों नहीं? बरेली डीएम ने डिलीट की पोस्ट

डीएम वीके सिंह ने मंगलवार को अपने विवादित पोस्ट को डिलीट करते हुए एक अन्य पोस्ट किया और माफी मांगी

चीन तो बड़ा दुश्मन है, तिरंगा लेकर चीन मुर्दाबाद क्यों नहीं? बरेली डीएम ने डिलीट की पोस्ट

उत्तर प्रदेश के कासगंज में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद फेसबुक के जरिए अपनी राय रखने वाले बरेली के डीएम आरवी सिंह ने अपनी पोस्ट डिलीट कर ली है। सिंह ने फेसबुक में अपने इलाके यानी बरेली जिले में इसी तरह की एक घटना होने की बात कहते हुए पोस्ट किया था कि मुस्लिम मोहल्लों में जाकर पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाना रिवाज बन गया है। उनके इस पोस्ट के बाद उनकी कड़ी आलोचना की जा रही थी, जिसके बाद डीएम ने अपनी पोस्ट डिलीट करते हुए लोगों की भावनाओं को आहत करने के लिए माफी मांगी है। वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने वीके सिंह के मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें लखनऊ बुलाया है। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने वीके सिंह के मामले में कड़े एक्शन लेने की बात कही है। मौर्य ने कहा कि डीएम राजनेताओं की भाषा बोल रहे हैं।

सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा था, अजीब रिवाज बन गया है। मुस्लिम मोहल्लों में जुलूस ले जाओ और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ। क्यों भाई वो पाकिस्तानी हैं क्या? यही यहां बरेली के खैलम गांव में हुआ था, फिर पथराव हुआ, मुकदमे लिखे गए सिंह ने अपने पोस्ट में कुछ समय बाद यह भी जोड़ा था कि, चीन तो बड़ा दुश्मन है, तिरंगा लेकर चीन मुर्दाबाद क्यों नहीं कहते?हालांकि यह बात जोड़ने के थोड़ी देर बाद ही उन्होंने फेसबुक पोस्ट ही डिलीट कर दिया था।

डीएम वीके सिंह ने मंगलवार को अपने विवादित पोस्ट को डिलीट करते हुए एक अन्य पोस्ट किया और माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनकी पोस्ट बरेली में कांवर यात्रा के दौरान आई लॉ एंड ऑर्डर की समस्या से संबंधित थी। उन्होंने लिखा, मुझे उम्मीद थी कि इस मामले पर प्रशासनिक चर्चा होगी, लेकिन इसने दूसरा ही रूप ले लिया। इससे मुझे बहुत दुख है। हमारी मंशा कोई कष्ट देने की नहीं थी। सांप्रदायिक माहौल सुधारना हमारी प्रशासनिक और नैतिक जिम्मेदारी है। मुस्लिम हमारे भाई हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है। मैं चाहता हूं कि यह विवाद खत्म हो। मैं उन सभी लोगों से माफी मांगना चाहता हूं जिनकी भावनाएं मेरी वजह से आहत हुईं।

आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस के दिन कासगंज में कुछ लोगों ने तिरंगा यात्रा निकाली थी। इसी तिरंगा यात्रा के दौरान दो गुटों में थोड़ी झड़प हो गई, जिसने कि बाद में सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया। इसी हिंसा में 22 वर्षीय चंदन गुप्ता की मौत हो गई और अकरम नाम के व्यक्ति की एक आंख फोड़ दी गई।

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