बस्तर में प्रतिभा की कमी नहीं, मार्गदर्शन की जरूरत : डी श्रवण

जगदलपुर। बस्तर जिला फुटबाल संघ के द्वारा फुटबाल रेफरीज के सेमीनार का आयोजन बस्तर चे्बर आफ कामर्स के सभा कक्ष में किया गया। शुभारंभ के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बस्तर जिला के पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने कहा कि इस तरह के आयोजन से रेफरी के कठिन कार्य को निभाने में रेफरीज को जानकारी मिलेगी और वे अच्छे ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। इसके लिए उन्होंने आयोजक बस्तर फुटबाल संघ एवं वरिष्ठ रेफरी रूपक मुखर्जी की तारिफ की। छग के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे रेफरीस से कहा कि बस्तर की पहचान केवल नक्सलवाद नहीं है। यहां की प्राकृतिक सौन्दर्य संस्कृति, परंपरा एव जीवनशैली काफी आकर्षक है जो बस्तर को विशेष पहचान दिलाता है। इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित माता रूकमणि आश्रम के संस्थापक पदश्री धर्मपाल सैनी, बचेका के अध्यक्ष्स किशोर पारेख, ओलंपिक संघ के अध्यक्ष एनआर पराशर, फीफा रेफरी आरडी साव,श्री कुण्डु, बस्तर जिला फुट संघ के अध्यक्ष राणा घोष, ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए आयोजन की तारिफ की। इस सेमीनार मे ं पूरे छग के रेफरीस को आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही जगदलपुर के पंजीकृत टीम के कप्तान और कोच एवं माता रूकमणि आश्रम की महिला टीम को भी बुलाया गया है।

सेमीनार में फुटबाल के नये नियम की जानकारी सभी को दी जायेगी। साथ ही इस पर भी मंथन किया गया कि खिलाड़ी और रेफरी के बीच अच्छी तालमेल रहे जिससे मैच के दौरान कम फाउल हो। इस दौरान वरिष्ठ रेफरी रूपक मुखर्जी ने स्वागत उद्भोषण में सेमीनार के उदेश्य के संबंध में विस्तार से बताया। और शामिल होने वाले सभी लोगों का परिचय अतिथियों से कराया। पूर्व फीफा रेफरी आरडी साव सेमीनार इन्स्ट्रक्टर के रूप में फुटबाल के 17 नियमों की जानकारी देते हुए पिछले वर्ष हुए 110 व इस वर्ष हुए 57 संशोधन की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में छग में 4 फीफा महिला रेफरी हैं। जबकि कलकड्डाा में 3 रेफरी है। कुल 70 राष्ट्रीय रेफरी हैंं।

सेमीनार के माध्यम से रेफरीस को अपडेट करना मुल उदेश्य होता है। सेमीनार में भिलाई से 5, रायपुर, सुकमा व कोरबा से 1-1, बिलासपुर और बीजापुर से 2-2, कांकेर, दन्तेवाड़ा 3-3, नारायणपुर और अंबिकापुर से 4-4, उसके अधिक बस्तर जिला से 18 रेफरी सेमीनार में शामिल हुए। इसके अलावा 25 खिलाड़ी व कोच भी शामिल हुए। इसके साथ ही डिमरापाल महिला फुटबाल टीम के खिलाड़ी व पूर्व खिलाड़ी तथा खेल शिक्षकगण भी उपस्थित थे। सभी ने फुटबाल के नये नियमो की जानकारी उत्साह के साथ ग्रहण किया व अपने सकाओं का समाधान भी किया।

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