चरम पर पहुंची बीसीसीआई की आपसी लड़ाई, बोर्ड के सीईओ की तनख्वाह में बढ़ोत्तरी पर उठे सवाल

अनिरुद्ध चौधरी ने अपने ईमेल में कहा हे कि राहुल जौहरी की तन्खवाह में वक्त से दो महीने पहले ही इजाफा कर दिया गया है

चरम पर पहुंची बीसीसीआई की आपसी लड़ाई, बोर्ड के सीईओ की तनख्वाह में बढ़ोत्तरी पर उठे सवाल

टीम इंडिया एक ओर जहां साउथ अफ्रीका में संघर्ष कर रही है वहीं बीसीसीआई के टॉप अधिकारियों के बीच अहम की लड़ाई चरम पर पहुंच गई है. बोर्ड के कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने बीसीसीआआई के सीईओ राहुल जौहरी की तनख्वाह में हुई बढ़ोत्तरी पर सवाल उठाया है.

अनिरुद्ध चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट की बनाई प्रशासकों की समिति यानी सीओए के लिए ईमेल में आरोप लगाया है कि राहुल जौहरी की तन्ख्वाह में वक्त के पहले गैरवाजिब बढ़ोत्तरी की गई है.

अनिरुद्ध चौधरी ने अपने ईमेल में कहा हे कि राहुल जौहरी की तन्खवाह में वक्त से दो महीने पहले ही इजाफा कर दिया गया है. उनके मुताबिक जौहरी की तनख्वाह में जून 2016 में इजाफा होना चाहिए था लेकिन उन्हें दो महीने पहले ही यानी अप्रेल 2017 में यह इन्क्रीमेंट दे दिया गया.

बोर्ड के साथ जौहरी के करार के मुताबिक उनकी तनख्वाह बोर्ड राजस्व के साथ जुड़ी हुई है और राजस्व में इजाफे के साथ ही उसमें इजाफा होने की बात है.
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बोर्ड से जौहरी की सालाना कमाई 5.76 करोड़ रुपए है और इसमें बोर्ड के मुनाफे का 0.5 फीसदी ही इजाफा हो सकता है जिसकी सीमा एक करोड़ रुपए तक है. पिछले साल अप्रेल में जौहरी के कार्यकाल के दौरान ओप्पो मोबाइल के साथ टीम इंडिया की 1079 करोड़ रुपए की स्पॉन्सर डील हुई जो पिछली डील से पांच गुना अधिक थी. इसके बाद ही उनकी तनख्वाह में इजाफा किया गय़ा.

अनिरुद्ध चौधरी का तर्क है कि इस तरह से जौहरी की तनख्वाह में किया गया इजाफा बोर्ड के साथ उनके करार का उल्लंघन है जिसे सीओए को मंजूर नहीं करना चाहिए था.

अब देखना होगा कि विनेद राय की अगुआई में बनी सीओए बोर्ड के कोषाध्यक्ष की इस आपत्ति पर क्या कदम उठाती है.

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