B’day spl: 18 रुपए फीस से की थी इस अभिनेत्री ने अपने करियर की शुरुआत

लकवा मारने की वजह से ललिता पवार के कर‍ियर पर ब्रेक लग गया

मुंबई: हिंदी, मराठी और गुजराती सिनेमा में 700 से अधिक फिल्मों में दिखाई देने वाली एक शानदार भारतीय और रामानंद सागर के चर्च‍ित धारावाहिक रामायण में मंथरा के रोल से फेमस हुईं अभिनेत्री ललिता पवार का आज 103 वां जन्म दिन है। ललिता पवार 18 अप्रैल 1916 को नासिक में पैदा हुई थीं वहीं 24 फरवरी 1998 को पुणे में उनका निधन हो गया था।

हिंदी सिनेमा जगत में उन्‍हें ललिता के नाम से ही जाना गया लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि उनका असली नाम अंबा लक्ष्‍मण राव था। ललिता ने फिल्मों में शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की थी। पहली बार वह बिना बोलती यानी एक मूक फिल्म में नजर आई थीं जिसके ल‍िए उन्हें 18 रुपए फीस मिली थी। 12 साल की उम्र में 1928 में उन्‍होंने फ‍िल्‍म राजा हरिश्‍चंद्र में काम किया था।

एक हादसे ने खराब कर दिया चेहरा

ललिता पवार अपनी जवानी के दिनों में काफी दिलकश और खूबसूरत थीं। वह जितनी अच्‍छी एक्‍ट‍िंग करती थीं, उससे बेहतर वह गाती थीं। वह लगातार कामयाब होती जा रही थीं और इसी दौरान उनके साथ एक हादसा हुआ जिससे उनका चेहरा खराब हो गया।

1942 में फिल्म जंग-ए-आजादी की शूटिंग के दौरान एक्टर भगवान दादा ने ललिता को तमाचा मारा था। इस तमाचे के बाद वह जमीन पर गिर गईं और उनके कान से खूब आ गया था। इसके बाद डॉक्‍टर ने उन्‍हें कोई गलत दवा दे दी जिससे उनके शरीर के दाहिने हिस्‍से को लकवा मार गया।

बंद हो गया काम मिलना

लकवा मारने की वजह से ललिता पवार के कर‍ियर पर ब्रेक लग गया था। उनकी दाहिनी आंख सिकुड़ गई थी और उनका चेहरा खराब हो गया था। अब इस चेहरे के साथ कोई भी उन्‍हें काम नहीं देता था। लंबे इंतजार के बाद 1948 में निर्देशक एसएम यूसुफ की फिल्म गृहस्थी में उन्‍हें रोल मिला।

दो शादियां और एक बच्‍चा

ललिता पवार ने दो शादियां की थीं। पहली शादी उन्‍होंने गनपत राव पवार से की और बाद में उन्‍होंने प्रोड्यूसर राजप्रकाश गुप्‍ता से शादी की।

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