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b’day spl: एक्टर राज बब्बर ने साल 1989 में की थी राजनीतिक करियर की शुरुआत

1977 में आई ‘किस्सा कुर्सी का’ में बब्बर ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की

नई दिल्ली: भारतीय हिंदी और पंजाबी फिल्म अभिनेता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबंधित राजनीतिज्ञ राज बब्बर का आज जन्मदिन है। लोकसभा के तीन बार सदस्य और भारतीय संसद के उच्च सदन के दो बार सदस्य व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे राज बब्बर का जन्म 23 जून 1952 को राज बब्बर का जन्म उत्तर प्रदेश के टुंडला में हुआ था।

थियेटर से शुरू हुआ राज बब्बर का सफर फिल्मी दुनिया में ऊंचाइयों तक पहुंचा। 80 के दशक में राज बब्बर ने सिनेमा की दुनिया में वाकई ‘राज’ किया। वो आज भी फिल्मों में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 1989 में की थी। फिलहाल राज बब्बर कांग्रेस पार्टी से जुड़े हैं।

राज बब्बर ने स्कूली पढ़ाई आगरा के फैज-ए-आलम इंटर कॉलेज से की। अभिनय में रुचि को देखते हुए 1975 में उन्होंने दिल्ली स्थित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन लिया। दिल्ली में वो कई थियेटर ग्रुप से जुड़े और नाटकों में हिस्सा लेते थे। आगे के करियर के लिए राज बब्बर मुंबई पहुंचे। उनकी पहली फिल्म 1977 में आई ‘किस्सा कुर्सी का’ थी।

फिल्म के एक सीन में राज बब्बर

फिल्म ‘इंसाफ का तराजू’ में राज बब्बर के निगेटिव किरदार को सभी ने नोटिस किया। फिल्म में राज बब्बर को जीनत अमान के साथ दुष्कर्म सीन करना था जिसकी वजह से वह काफी घबरा गए थे। राज बब्बर इस बात को लेकर डरे हुए थे कि वो नए हैं और जीनत अमान तब तक बड़ा नाम हो चुकी थीं।

इंसाफ का तराजू

‘इंसाफ का तराजू’ फिल्म के बाद राज बब्बर निर्देशक बीआर चोपड़ा के पसंदीदा अभिनेताओं में से एक हो गए थे। इसके बाद बीआर चोपड़ा की लगभग हर फिल्म में राज बब्बर नजर आने लगे। राज बब्बर ऐसे अभिनेता थे जो विलेन से लेकर हीरो तक सभी किरदारों में आसानी से फिट हो जाते थे। अपने 43 साल के करियर में राज बब्बर ने कई हिट फिल्में दीं, जिनमें ‘प्रेम गीत’, ‘उमराव जान’, ‘निकाह’, ‘अगर तुम ना होते’, ‘मजदूर’, ‘मेहंदी’, ‘आज की आवाज’, ‘हकीकत’, ‘सलमा’ सहित अन्य हैं।

1975 में राज बब्बर ने नादिरा से शादी की। कहा जाता है कि फिल्म ‘आज की आवाज’ के दौरान राज बब्बर और स्मिता पाटिल के बीच नजदीकियां बढ़ीं। साल 1986 में राज बब्बर ने घर छोड़कर स्मिता पाटिल से शादी कर ली। उसी साल उनके बेटे प्रतीक बब्बर का जन्म हुआ।

बेटे को जन्म देने के दो हफ्ते बाद ही 13 दिसंबर 1986 को स्मिता पाटिल का निधन हो गया। स्मिता के निधन के बाद राज फिर से पहली पत्नी नादिरा के पास वापस लौट गए। नादिरा और राज के दो बच्चे जूही और आर्य हुए।

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