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b’day spl: अनुराग कश्यप ने समकालीन हिंदी सिनेमा में जरूरी बदलाव को दिया जन्म

1998 में आई फ़िल्म 'सत्या' से मिली थी अनुराग को फ़िल्म इंडस्ट्री में पहचान

मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप आज अपना 48वां जन्मदिन हैं. अनुराग बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं, वो फ़िल्मों का निर्देशन करने के अलावा फ़िल्म लेखन और अभिनय के क्षेत्र में भी अपना हाथ आज़मा चुके हैं.

10 सितंबर 1972 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर ज़िले में जन्मे अनुराग कश्यप साल 1993 में मायानगरी मुंबई आ गए. मुंबई में अनुराग का शुरूआती वक़्त बहुत ख़स्ता हाल में बीता, लेकिन कुछ दिन बाद उन्हें काम मिल गया.

अनुराग कश्यप की गिनती उन चुनिंदा लोगों में की जाती है, जिन्होंने समकालीन हिंदी सिनेमा में ज़रूरी बदलाव को जन्म देकर इसकी दिशा को बदल दिया. अनुराग को उनकी रीयलिस्टिक फ़िल्मों के लिए जाना जाता है.

अनुराग ने हिंदी सिनेमा का परिचय एक बिलकुल अलग तरह की फ़िल्मों से कराया, अक्सर उनकी फ़िल्मों में हैप्पी एंडिंग नहीं होती. उनकी फ़िल्में इस समाज के लिए एक आईने का काम करती हैं.

अनुराग को फ़िल्म इंडस्ट्री में पहचान 1998 में आई फ़िल्म ‘सत्या’ से मिली थी. रामगोपाल वर्मा की ‘सत्या’ को अनुराग कश्यप ने लिखा था. इस फ़िल्म के बाद अनुराग ने निर्देशन के क्षेत्र में अपना हाथ आज़माया और 2003 में ‘पांच’ नाम की फ़िल्म को डायरेक्ट किया. हालांकि उनकी ये फ़िल्म रिलीज़ नहीं हो सकी.

साल 2007 में अनुराग की पहली फ़िल्म ‘ब्लैक फ्राइडे’ रिलीज़ हुई, अनुराग की पहली फ़िल्म ने ही उन्हें बतौर निर्देशक एक ख़ास पहचान दिलाई. ‘ब्लैक फ्राइडे’ के बाद अनुराग ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

अनुराग कश्यप की निजी ज़िंदगी उतार-चढ़ाव से भरी रही है. साल 1997 में अनुराग ने फ़िल्म एडिटर आरती बजाज से शादी की थी, लेकिन उनकी शादी काफ़ी दिन तक नहीं चल पाई और 2009 में उनका तलाक हो गया. इस शादी से अनुराग की एक बेटी आलिया कश्यप हैं.

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