b’day spl: अक्टूबर 2000 में टीम इंडिया के कप्तान बने बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली

सौरव गांगुली को 'महाराज' नाम से पुकारते थे उनके माता-पिता

नई दिल्ली:क्रिकेट के ‘दादा’, ‘बंगाल टाइगर’ और ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ सौरव गांगुली का आज 49वां जन्मदिन है. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एवं मौजूदा समय में बीसीसीआई (BCCI) के अध्यक्ष का पूरा नाम सौरव चंडीदास गांगुली है.

गांगुली का जन्म आज ही के दिन 8 जुलाई 1972 में कोलकाता में हुआ था. गांगुली के पिता का नाम चंडीदास और मां का नाम निरूपा गांगुली है. गांगुली के पिता चंडीदास एक सफल छपाई का व्यवसाय चलाते थे.

चंडीदास का नाम कोलकाता के सबसे रईस व्यक्तियों में गिना जाता था. गांगुली को बचपन में लोग प्यार से महाराजा नाम से बुलाते थे, वहीं टीम इंडिया में उन्हें उनके साथी खिलाड़ी दादा नाम से बुलाते थे.

1- सौरव गांगुली को उनके माता-पिता ‘महाराज’ नाम से पुकारते थे. गांगुली के माता-पिता उन्हें इंजीनियर या डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन उन्हें फुटबॉल से बेहद लगाव था. गांगुली की सबसे पसंदीदा महिला खिलाड़ी स्टेफी ग्राफ हैं जो जर्मनी की टेनिस खिलाड़ी हैं.

2- सौरभ गांगुली ने अपना पहला एक दिवसीय मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ 1991 में और पहला टेस्ट मैच 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेला था. सौरव गांगुली ने 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन बनाए हैं, जबकी 311 वनडे मैचों में उन्होंने 22 सेंचुरी की मदद से 11,363 रन बनाए. दादा की अगुवाई में टीम इंडिया ने 2003 वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश किया था.

3- गांगुली अक्टूबर 2000 में टीम इंडिया के कप्तान बने. टीम इंडिया ने दादा की अगुवाई में 49 टेस्ट मैच खेले, इनमें से 21 में जीत दर्ज की और 13 में हार का सामना करना पड़ा, जबकि 15 मैच ड्रॉ रहे. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जो भारत में 2008 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गयी थी, उनकी अंतिम टेस्ट सीरीज थी.

4- सौरभ गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने साल 1999 से लेकर साल 2005 के बीच 146 वनडे मैच खेलें. जिनमें 76 मैच जीते और 65 में हार का समाना करना पड़ा, जबकि 5 मैचों के नतीजे नहीं आए.

5- सौरव गांगुली ने टीम इंडिया की लॉर्ड्स में ऐतिहासिक जीत पर जश्न मनाने के लिए लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी टी-शर्ट उतारकर लहराई थी. इस कारण वह काफी चर्चित हुए थे. सौरभ गांगुली ने टीम इंडिया के पूर्व कोच ग्रेग चैपल को भारतीय टीम का कोच चुना था, लेकिन उनका मानना है कि ये उनकी सबसे बड़ी गलती थी. गांगुली ने अपनी आत्मकथा ‘ए सेंचुरी इज नॉट इनफ’ में इसके बारे में लिखा है.

6- साल 2002 में विजडन क्रिकेटर्स अलमैनेक ने उन्हें विव रिचर्ड्स, सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा, डीन जोन्स और माइकल बेवन के बाद छठें सबसे बड़े वनडे बल्लेबाज का दर्जा दिया था.

7- सौरभ गांगुली को क्रिकेट की दुनिया में आगे लाने में उनके बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली का अहम योगदान है

8- सौरभ गांगुली को साल 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग टूर्नामेंट में कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम ने अपने खेमे में बतौर कप्तान शामिल किया था. गांगुली ने उसी साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक घरेलू टेस्ट श्रृंखला के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया.

9- सौरभ गांगुली की पत्नी का नाम डोना गांगुली और बेटी का नाम सना गांगुली है.

10- साल 2004 में गांगुली को पद्मश्री से सम्मानित किया गया जो की भारत के सर्वश्रेष्ठ पुरस्कारों में से एक है. साल 2006 में सौरव गांगुली की राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया. इसी समय वे भारत के कोच ग्रेग चैपल के साथ विवादों में आए. गांगुली पुनः टीम से निकाले गए लेकिन 2007 क्रिकेट वर्ल्ड कप में खेलने के लिए चयनित हुए.

बात करें सौरभ गांगुली के क्रिकेट करियर के बारे में तो उन्होंने देश के लिए 113 टेस्ट क्रिकेट मैच खेलते हुए 188 पारियों में 42.2 की एवरेज से 7212 रन बनाए हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम
16 शतक और 35 अर्धशतक दर्ज है. गांगुली का टेस्ट क्रिकेट में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 239 रन है.

टेस्ट क्रिकेट के अलावा उन्होंने देश के लिए 311 वनडे मैच खेलते हुए 300 पारियों में 41.0 की एवरेज से 11363 रन बनाए हैं. वनडे प्रारूप में उनके नाम 22 शतक और 72 अर्धशतक दर्ज है. वनडे फॉर्मेट में उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 183 रन हैं.

बल्लेबाजी के अलावा सौरभ गांगुली ने गेंदबाजी से भी क्रिकेट के मैदान में अपनी अमिट छाप छोड़ी है. उन्होंने देश के लिए टेस्ट क्रिकेट की 99 पारियों में 32 और वनडे मैच की 171 पारियों में 100 विकेट चटकाए हैं.

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