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b’day spl: कर्ज के चलते जब अभिनेता सुनील दत्त ने गिरवी रखा था अपना घर

गुलाम भारत में 6 जून 1929 को हुआ था सुनील दत्त का जन्म

नई दिल्ली: भारतीय फिल्म अभिनेता, निर्माता, निर्देशक और राजनीतिज्ञ सुनील दत्त का आज जन्मदिन है. सुनील दत्त मनमोहन सरकार में युवा मामलों और खेल मंत्री थे. तथा 1968 में, उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया था.

सुनील दत्त का जन्म गुलाम भारत में 6 जून 1929 को हुआ था. सुनील दत्त को उनके अभिनय के लिए आज भी याद किया जाता है, लेकिन उनका सफर इतना आसान भी नहीं था, उनको एक्टर बनने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा था.

करियर की शुरुआत

उन्होंने रेडियो जॉकी के तौर पर रेडियो सिलोन पर फिल्मी सितारों के इंटरव्यू से करियर की शुरुआत की थी. हिन्दी सिनेमा जगत में सुनील दत्त पहले ऐसे अभिनेता थे, जिन्होंने सही मायने में ‘एंटी हीरो’ की भूमिका निभाई और उसे स्थापित करने का काम किया. सुनील ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1955 में फिल्म ‘रेलवे प्लेटफार्म’ से की थी.

सुनील दत्त की जिंदगी में एक दौर ऐसा भी आया था, जब उन्हें अपना घर गिरवी रखना पड़ा था. बात उस वक्त की है जब संजय दत्त 12 साल के थे और अपने बोर्डिंग स्कूल सनावर से छुट्टियों पर आए थे. इसी बीच वह अपने पिता मिलने फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ के सेट पर आए. उस दौरान सेट पर एक कव्वाली की शूटिंग चल रही थी.

तभी सुनील दत्त ने संजय को उस कव्वाली में साथ बैठा लिया. तो सही मायने में संजय को पहला ब्रेक यहीं से मिला, लेकिन यह फिल्म दर्शकों को पसंद नहीं आई. जबकि फिल्म समीक्षकों ने इस फिल्म की जमकर तारीफ की थी. एक इंटरव्यू में सुनील दत्त ने बताया था कि इस फिल्म के कारण उन्हें 60 लाख रुपये का नुकसान हुआ था.

दरअसल, इस फिल्म को पहले सुखदेव डायरेक्ट कर रहे थे, लेकिन फिल्म के किसी दृश्य को लेकर सुनील से उनकी तकरार हो गई और बाद में सुनील ने इस फिल्म का पूरा कमान अपने हाथ में ले लिया. कहा जाता है कि री-शूट के कारण फिल्म की लागत 100 गुना बढ़ गई थी.

वैसे, भले ही लोगों को यह फिल्म पसंद नहीं आई, लेकिन इस फिल्म के संगीत को सराहना मिली थी और संगीतकार जयदेव को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था जिसके लिए उन्होंने संजय को अपना लकी चार्म माना था, लेकिन पिता सुनील दत्त के लिए ये फिल्म करियर का सबसे बड़ा घाटा बन कर आई थी.

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