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B’day Spl: इशांत शर्मा ने 12 साल पहले शुरू किया था अपना करियर

इंग्लैंड के लॉर्ड्स से पलटी इशांत की किस्मत

नई दिल्ली: 18 साल की उम्र में, 2006-07 में दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए भारतीय टीम में शामिल होने वाले 1.95 मीटर लंबे दाएं हाथ के तेज-मध्यम गेंदबाज और भारतीय क्रिकेटर इशांत शर्मा का आज 31 वां जन्मदिन माना रहे हैं.

इशांत अपने करियर के बेहतरीन दौर से गुजर रहे हैं. एक समय केवल टेस्ट गेंदबाज का टैग लगवाकर इशांत टेस्ट टीम से ही अंदर बाहर हो रहे थे. लेकिन आज वे टीम इंडिया के प्रमुख टेस्ट गेंदबाज होने के साथ ही आईपीएल में भी धूम मचा रहे हैं जिसके लिए उन्हें आउट डेटेड मान रहे थे.

एक बार आईपीएल में अनबिके रह चुके ईशांत शर्मा के बारे में कहा गया था कि उन पर कौन पैसा लगाएगा. लेकिन अब ईशांत ने खुद सबसे लंबे और और सबसे छोटे फॉर्मेट के लिए बेहतरीन साबित किया है.

ईशांत के करियर की बात की जाए तो उन्होंने अपना टेस्ट करियर 2007 में बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में शुरू किया था. उन्होंने उसी साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पहले वनडे खेला था. इसके बाद 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेला था.

उन्होंने विराट कोहली के साथ ही अपना फर्स्ट क्लास और रणजी करियर 2006 में शुरू किया था. फिलहाल चल रहे जमैका टेस्ट से पहले इशांत ने 91 मैचों में 3.19 की इकोनॉमी और 33.56 के औसत के साथ 275 विकेट लिए है. उनका बेस्ट परफॉर्मेंस लॉर्डस के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ है जिसमें उन्होंने 74 रन देकर सात विकेट लिए थे.

हाल ही में बहुत सुधारा है रिकॉर्ड

इशांत ने 80 वनडे में 5.72 की इकोनॉमी से 115 विकेट लिए हैं जबकि 14 टी20 इंटरनेशनल मैचों में वे 8 विकेट ले चुके हैं. टेस्ट में जमैका टेस्ट से पहले उन्होंने 91 मैचों की 125 पारियों में 646 रन बनाए हैं जिसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 31 रनों की पारी सबसे बड़ी थी.

लेकिन जमैका टेस्ट में ईशांत ने अपने करियर की पहली हाफ सेंचुरी ठोकी और सीरीज में दूसरी पारी खुद को एक मजबूत टेल एंडर बल्लेबाज साबित किया. लेकिन इशांत ने अपने करियर में कई उतार चढ़ाव देखे.

कैसे पहले चर्चा में आए इशांत

इशांत अपने दूसरे इंटरनेशनल टूर में ही चर्चा में आ गए जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे में गेंद को दोनों तरफ लहराने का हुनर दिखाया. ईशांत की गेंदबाजी के कारण टीम इंडिया पर्थ में टेस्ट मैच जीतने में कामयाब रही.

इसके बाद भी इशांत टीम इंडिया में जहीर खान के बाद नंबर दो के गेंदबाज बने रहे. धीरे-धीरे इशांत अपनी गति खोने लगे और जल्द ही वे टीम इंडिया में बने रहने के संघर्ष करते नजर आए, 2013 तक उन्होंने अपना 50 टेस्ट खेल लिया था, लेकिन तब उनका औसत बहुत ही खराब था. उनका आखिरी टी20 मैच 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया मैच था.

2014 में जब एमएस धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया इंग्लैंड गई थी तब ईशांत के शानदार स्पेल (74 रन देकर 7 विकेट) ने टीम इंडिया को जीत दिलाई जिसके बाद चयनकर्ताओं के लिए ईशांत को नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया.

इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीतने में भी इशांत ने उल्लेखनीय योगदान दिया और अपने 200 विकेट का आंकड़ा भी पार किया. इसके बाद भी ईशांत वनडे और टी20 टीम से दूर रखे गए.

अपने करियर के बेस्ट दौरे में

2018 में इशांत ने शानदार प्रदर्शन किया और उसके बाद पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 8 विकेट, इंग्लैंड में 18 विकेट, और ऑस्ट्रेलिया में 11 विकेट के लेने के साथ अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई.

इसके बाद अभी चल रहे वेस्टइंडीज दौरे में ईशांत ने पहले टेस्ट में ही 8 विकेट लिए और पांच विकेट हॉल भी अपने नाम किया. यही नहीं जमैका टेस्ट में उन्होंने अपने करियर के एकमात्र हाफ सेंचुरी भी लगाई. एक समय आईपीएल में अनबिके रहे ईशांत ने 2019 के आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए शानदार गेंदबाजी कर साबित कर दिया कि वे छोटे फॉर्मेंट के लिए कितने उपयोगी हैं.

इशांत ने ऐसे समय खुद को साबित किया है जब टीम इंडिया के बेहतरीन गेंदबाजों की भरमार है. जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, उमेश यादव जैसे गेंदबाज हमेशा ही टीम इंडिया में जगह पाने के लिए प्रमुख दावेदार रहे हैं. ईशांत अपने करियर के 12 साल के अंतराल के बाद एक परिपक्व खिलाड़ी बनते नजर आ रहे हैं.

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