बॉलीवुडमनोरंजन

B’day Spl: जानिए मशहूर अभिनेत्री आशा पारेख की जिंदगी की अनकही बातें

बीते जमाने की सबसे मशहूर अदाकारा आशा पारेख का आज 75वां जन्मदिन है.

मशहूर अदाकारा आशा पारेख का आज 75वां जन्मदिन है. आज हम यहां उनकी जिंदगी और फिल्मों से जुड़ी तमाम बातों का जिक्र करेंगे. आशा पारेख का जन्म साल 1942 में आज ही के दिन हुआ था. फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें ‘जुबली’ गर्ल के नाम से भी जाना जाता है.

एक गुजराती परिवार में जन्मीं आशा की मां मुस्लिम और पिता हिंदू थे. छोटी सी उम्र में ही आशा को शास्त्रीय नृत्य की शिक्षा मिली, जिसकी वजह से उन्होंने देश-विदेश में कई डांस शो किए. कम लोग ही जानते होंगे कि आशा डॉक्टर बनना चाहती थीं. फिर उन्होंने आईएएस अधिकारी बनने की सोची, लेकिन किस्मत ने उन्हें फिल्मी दुनिया की एक मशहूर एक्ट्रेस बना दिया.

फिल्मों में अपना नाम बनाने के लिए आशा पारेख को भी काफी संघर्ष करना पड़ा था. करियर की शुरुआत में उन्हें एक निर्देशक ने यह कह दिया कि वो स्टार मैटेरियल नहीं हैं. लेकिन अपनी मेहनत और अभिनय के दम पर उन्होंने सबको गलत साबित किया और बॅालीवुड में अपना एक मुकाम हासिल किया.

साल 1952 में ‘आसमान’ से बतौर बाल कलाकार अपने करियर की शुरुआत करने वाली आशा को ‘बाप-बेटी’ मिली. हालांकि फिल्म फ्लॉप साबित हुई इसके बाद 1959 में डायरेक्टर विजय भट्ट ने उन्हें ‘गूंज उठी शहनाई’ से यह कहकर निकाल दिया कि वह एक्ट्रेस बनने के लायक नहीं हैं.

इसके बाद निर्देशक नासिर हुसैन और सुबोध मुखर्जी ने आशा को शम्मी कपूर के साथ ‘दिल देके देखो’ (1959) में मौका दिया. यह फिल्म हिट साबित हुई और आशा ने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा दिया.

आशा ने ‘जब प्यार किसी से होता है’, ‘फिर वही दिल लाया हूं’, ‘तीसरी मंजिल’, ‘प्यार का मौसम’, ‘चिराग’ और ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया. उन्होंने कई हिंदी फिल्मों के अलावा गुजराती, पंजाबी, और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया.

आशा ने फिल्मों के अलावा टीवी सीरियल्स में भी काम किया। उन्होंने कभी शादी नहीं की. आशा को 1992 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया. साल 2001 में उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम पुरस्कार से नवाजा गया. वहीं 2006 में अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी से भी सम्मानित किया गया.

आशा पारेख ने 1960 से लेकर 1970 तक फिल्मों के जरिए लोगों के दिलों पर राज किया, शम्मी कपूर, राजेश खन्ना, मनोज कुमार, राजेंद्र कुमार, धर्मेंद्र जैसे सितारों के साथ उन्होंने काम किया। फिल्मों के अलावा उन्होंनें टीवी सीरियल्स में भी काम किया.

अपनी मां की मौत के बाद आशा पारेख के जीवन में स्थिरता आ गई. उन्होंने मुंबई के एक अस्पताल का पूरा वॉर्ड गोद ले लिया और समाज सेवा में लग गईं. वे 6 साल तक सिने आर्टिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्ष भी रहीं. आशा पारेख केंद्रीय फिल्म प्रमाणन मंडल की चेयरपर्सन भी बनीं.<>

Summary
Review Date
Reviewed Item
B'day Spl: जानिए मशहूर अभिनेत्री आशा पारेख की जिंदगी की अनकही बातें
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags
jindal