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b’day spl: 21 साल की उम्र में शेन वॉर्न ने टेस्ट क्रिकेट में किया था डेब्यू

शेन वॉर्न की फेंकी कई गेंदें क्रिकेट इतिहास में स्वर्णाक्षरों से दर्ज

नई दिल्ली: वन डे इंटरनेशनल में ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय टीम की कप्तानी करने वाला ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट कमेंटेटर और पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर शेन कीथ वार्न आज अपना 51वां जन्मदिन मना रहा है. वार्न को स्पिन का जादूगर भी कहा गया.

1993 में फेंकी बॉल ऑफ द सेंचुरी

शेन वॉर्न की फेंकी कई गेंदें क्रिकेट इतिहास में स्वर्णाक्षरों से दर्ज हैं. उन्होंने अपने करियर में एक ऐसी गेंद भी फेंकी, जिसे ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ कहा जाता है. वॉर्न 1993 में एशेज सीरीज के दौरान इस गेंद पर माइक गेटिंग को बोल्ड किया था. यह गेंद लेग स्टंप से काफी बाहर पिच होकर माइक गैटिंग का ऑफ स्टंप उड़ा ले गई थी.

कप्तान नहीं बन पाने का मलाल

शेन वॉर्न 1999 में ऑस्ट्रेलिया के उप कप्तान भी बने. उन्हें कभी कप्तान बनने का मौका नहीं मिला. वॉर्न को इस बात का हमेशा मलाल रहा कि वो टीम की कप्तानी नहीं कर सके. वैसे उन्होंने कप्तानी का हुनर आईपीएल में दिखाया. उन्होंने अपनी कप्तानी में पहले ही साल राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल का चैंपिन बनाया था.

3 टीमों के खिलाफ 300 विकेट

शेन वॉर्न दुनिया के सिर्फ दूसरे ऐसे गेंदबाज हैं, जिसने 3 देशों के खिलाफ 100 से ज्यादा टेस्ट विकेट लिए हैं. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 195, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 130 और न्यूजीलैंड के खिलाफ 103 विकेट लिए. उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट जनवरी 2007 में खेला. मुरलीधरन ने भारत, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 100 से ज्यादा विकेट लिए हैं.

1001 इंटरनेशनल विकेट लिए

महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 1001 विकेट हासिल किए हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह कारनामा करने वाले सिर्फ दो गेंदबाज हैं. वॉर्न ने टेस्ट में 708 और वनडे में 293 विकेट लिए. मुरलीधरन इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 1347 विकेट लिए हैं. इनमें 800 टेस्ट विकेट शामिल हैं.

रवि शास्त्री बने पहला शिकार

शेन वॉर्न ने 2 जनवरी 1992 को भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था. उन्हें सिडनी में खेले गए इस मैच में सिर्फ एक विकेट मिला था. ‘कलाई के जादूगार’ कहे जाने वाले शेन वॉर्न ने रवि शास्त्री को अपना पहला शिकार बनाया था.

विवादों में घिरे रहे शेन वॉर्न

शेन वॉर्न जितना अपने खेल के लिए मशहूर रहे, उतना ही विवादों के लिए चर्चित रहे. 1998 में ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट ने बताया कि उसने वॉर्न पर बुकी को जानकारी देने के लिए जुर्माना लगाया था. इसी तरह वार्न 2003 का विश्व कप डोपिंग के कारण नहीं खेल पाए थे. वॉर्न का डोप टेस्ट पॉजिटिव पाया गया. बाद में वॉर्न ने कहा कि उन्होंने गलती से ऐसी दवा ले ली थी, जिसमें प्रतिबंधित पदार्थ शामिल था.

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