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B’day Spl: हर हालात में नजर आता है वीवीएस लक्ष्मण के चेहरे में मासूमियत

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था बेहतरीन रिकॉर्ड

नई दिल्ली: दाएं हाथ के बल्लेबाज व पूर्व भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान में क्रिकेट कमेंटेटर वीवीएस लक्ष्मण का आज 45वां जन्मदिन है. वीवीएस लक्ष्मण के चेहरे में मासूमियत हर हालात में नजर आता है.

1 नवंबर 1974 को जन्मे वीवीएस को हमेशा ही कोलकाता टेस्ट की उस पारी के लिए याद किया जाता है जिसमें उनके 281 रनों की बदौलत टीम इंडिया ने फॉलोऑन खेलने के बाद ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट मैच हरा दिया था.

लेकिन लक्ष्मण को उनकी यह पारी उनके करियर के बेस्ट पारी नहीं लगती. उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेली गयी 167 रन की पारी अपने करियर के लिए बेस्ट पारी लगती है. यह शतक उन्हें करियर का बेस्ट शतक लगता है. यह खुलासा उन्होंने अपनी आत्मकथा में किया है.

क्या कहता है लक्ष्मण का रिकॉर्ड

हैदराबाद में जन्मे वीवीएस ने अपने क्रिकेट करियर में 134 टेस्ट और 86 वनडे मैच खेले. टेस्ट में उन्होंने 45.97 के औसत से 8781 रन बनाए जिसमें 17 सेंचुरी और 56 हाफ सेंचुरी शामिल रहीं. वहीं 86 वनडे में उन्होंने 2338 रन बनाए जिसमें छह शतक और 10 फिफ्टी के साथ उनका औसत 30.76 था. उन्हें एक क्लासिकल बल्लेबाज माना जाता था.

छक्कों की कमी की चौकों से पूरी

वे आतिशी पारी कभी खेलते नहीं दिखे. अपने करियर में उन्होंने टेस्ट में केवल 5 और वनडे में केवल 4 छक्के जड़े, लेकिन उनके नाम टेस्ट में 1135 और वनडे की 83 पारियों में 222 चौके हैं. वे टेस्ट में सबसे ज्यादा चौके लगाने के मामले में चौथे भारतीय हैं जो सचिन, राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग के बाद आते हैं.

वीवीएस ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा 29 टेस्ट खेले, अपने करियर का पहला शतक ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ लगाया. और वे सचिन के बाद इकलौते भारतीय बल्लेबाज हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2000 से ज्यादा रन (2334) बनाए हैं. उनके करियर के सबसे ज्यादा शतक (6) भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही लगे और विदेशों में भी सबसे ज्यादा शतक ऑस्ट्रेलिया में लगे.

ये अनोखे रिकॉर्ड

हैदराबाद से आए वीवीएस अपने आदर्श मोहम्मद अजहरुद्दीन की तरह खेलने चाहते थे और उसमें काफी हद तक सफल भी रहे. वे अजहर की तरह कलाइयों का उपयोग करने में माहिर थे. जबकि उनके शॉट हवा में कम ही होते थे. लक्ष्मण अपने पहले और आखिरी वनडे में शू्न्य पर आउट हुए थे. वे टेस्ट में गेंदबाजी कर दो विकेट भी ले चुके हैं. इसके बावजूद शानदार रिकॉर्ड के धनी और टीम इंडिया के संकटमोचक कहे जाने वाले वीवीएस कभी वर्ल्ड कप नहीं खेल सके.

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