कोहली के खिलाफ आक्रमक रहे और चुनौती दें : माइकल वॉन

टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली को फ्रंट फुट पर चुनौती पेश करेंगे.

बर्मिंगम : इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भारत के खिलाफ बुधवार से शुरू हो रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम के खिलाड़ियों को विराट कोहली के खिलाफ आक्रामक होकर चुनौती देने को कहा है.

इंग्‍लैंड टीम के लिए लगभग 10 वर्ष तक सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाने वाले 43 साल के वॉन ने कहा ‘स्‍टुअर्ट ब्रॉड और जेम्‍स एंडरसन, टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली को फ्रंट फुट पर चुनौती पेश करेंगे.

वे लगातार ऑफ स्टंप के बाहर गेंद करने के बाद सीधी गेंद डालकर उन्‍हें परेशानी में डाल सकते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड ने वनडे सीरीज में ऐसा किया है. वह (कोहली) ऑफ स्टंप के बाहर थोड़े असहज रहते हैं.

एंडरसन और ब्रॉड को लगातार वहीं गेंद डालनी होगी और उन्हें खेलने के लिए मजबूर करना होगा. अगर गेंद हवा में स्विंग हुई तो दोनों काफी खतरनाक होंगे.’ उधर, भारत के पूर्व तेज गेंदबाज चेतन शर्मा ने भी एजबेस्‍टन टेस्‍ट के पहले भारतीय तेज गेंदबाजों को सलाह दी है.

वॉन ने इसके साथ ही कहा कि बल्‍लेबाजी में अनुभवी एलिस्‍टर कुक को निरंतरता दिखानी होगी और कप्तान जो रूट को अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलना होगा. ‘डेली टेलीग्राफ’ के अपने कॉलम में इंग्‍लैंड के इस पूर्व कप्‍तान ने लिखा कि वह चाहेंगे कि इंग्लैंड की टीम इस मैच में पांच गेंदबाजों के साथ उतरे.

उन्होंने इंग्‍लैंड के तेज गेंदबाजों स्टुअर्ट ब्रॉड और जेम्स एंडरसन को विराट कोहली को फ्रंट फुट पर चुनौती पेश करने की सलाह दी. उन्होंने कहा, ‘हेडिंग्ले टेस्ट (पाकिस्तान के खिलाफ) से पहले मैंने उनकी आलोचना की थी. उन्होंने मैच में शानदार प्रदर्शन किया और वे फिर से अच्छा प्रदर्शन करेंगे.’

ब्रॉड को लेकर उन्‍होंने कहा, ‘लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद वापसी करना हमेशा मुश्किल होता है. इंग्लैंड के लिए अच्छी बात यह है कि वे एजबेस्टन में खेल रहे हैं. हम इस मैदान पर हारते नहीं हैं. ब्रॉड और एंडरसन को यहां गेंदबाजी करना पसंद है.’

उधर, भारत की इंग्लैंड पर 1986 की टेस्ट सीरीज में जीत के हीरो रहे पूर्व तेज गेंदबाज चेतन शर्मा ने भारतीय तेज गेंदबाजों को शॉर्ट पिच गेंद करने से बचने और ‘ऊपर गेंद डालने’की सलाह दी है. शर्मा ने 1986 के दौर में लार्ड्स में पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में 64 रन देकर पांच विकेट लेकर भारत की जीत की नींव रखी थी.

इसके बाद उन्होंने बर्मिंघम में तीसरे टेस्ट मैच में दस विकेट लिए थे. भारत ने यह सीरीज 2-0 से जीती थी. भारत की ओर से 23 टेस्ट मैचों में 61 विकेट लेने वाले शर्मा ने कहा कि 32 साल पहले ऊपर गेंद डालने, उसे मूव और स्विंग कराने की रणनीति अपनायी थी जिससे उन्हें सफलता मिली.

उन्होंने ईशांत शर्मा, उमेश यादव और मोहम्मद शमी की भारतीय तेज गेंदबाजी की त्रिमूर्ति को भी यही रणनीति अपनाने की सलाह दी.

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