छत्तीसगढ़

लोंहदा में मॉडल गौठान के रूप में खूबसूरती से किया गया विकसित

मनीष शर्मा:

मुंगेली: मुंगेली जिले में नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी के संरक्षण, संवर्धन का कार्य सफलतापूर्वक किया जा रहा है। मुंगेली जिले में 9 स्थानों में मॉडल गौठान का निर्माण पूर्ण हो गया है।

इस योजना का बेहतर क्रियान्वयन किये जाने से नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी की परिकल्पना साकार होने लगा है। पथरिया विकासखण्ड के सांवा ग्राम पंचायत के एक छोटे से आश्रित गांव लोंहदा की तस्वीरें इसकी कहानी बयां करती है।

लोंहदा गांव में सवा पांच एकड़ के पुराने गौठान को गरूवा कार्यक्रम के अंतर्गत नये ढ़ंग से विकसित किया गया है। लोंहदा में बने गौठान में लगभग 500 गौवंशीय और भैसवंशीय मवेशी रोज आ रहे है। पशुओं के डे केयर सेंटर के रूप में तमाम व्यवस्थाएं तैयार कर ली गई है।

ग्रामीणों और महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं की सहभागिता और उत्साह से ग्राम लोंहदा में बहुत ही खूबसूरती से गौठान का निर्माण किया गया है। प्राकृतिक स्वरूप को बनाये रखने के लिए बांस, बल्ली एवं पैरा से शेड का निर्माण कराया गया है।

गौठान परिसर में छोटे-छोटे बबूल के वृक्ष मौजूद है। पशुओं के लिए छाया मिल गया है। गौठान में फेंसिंग, चारा, पानी, पशुओं को आराम करने की जगह और छाया व्यवस्था के साथ ही पशुओं के टीकाकरण एवं संस्थागत देखभाल भी की जा रही है।

पशुओं के गोबर और चारे के अवशेष से कम्पोस्ट खाद बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। जलआपूर्ति के लिए गौठान में सोलर पम्प स्थापित किया गया है। वर्तमान में गांव के तीन चरवाहे इस गौठान की व्यवस्था संभाल रहे है। इस गौठान के नजदीक 12 एकड़ में चारागाह विकास का काम भी शुरू हो गया है।

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