छत्तीसगढ़

बरसात के पूर्व सभी नाले-नालियों की सफाई पूर्ण कर ली जाए-कलेक्टर भीम सिंह

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़: कलेक्टर भीम सिंह ने कलेक्टोरेट के सृजन सभाकक्ष में जिले में बाढ़ राहत एवं आपदा प्रबंधन के लिए किये गये तैयारियों के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली।

बैठक में नगर सेना विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ राहत से संबंधित उनका कंट्रोल रूम/फोन नंबर 07762-223750 प्रारंभ हो गया है। इसी प्रकार पुलिस कंट्रोल रूम फोन नंबर 07762-222599 स्थापित किया गया है।

आपदा प्रबंधन के लिए नगर सेना के 41 प्रतिशत जवान पदस्थ है। रायगढ़ नगर निगम आयुक्त ने बताया कि शहर के 80 प्रतिशत नाले-नालियों की सफाई की जा चुकी है, एक सप्ताह में शेष सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। शहर के निचले इलाके के 10 वार्डो में जलभराव की संभावना रहती है उन क्षेत्रों में बरसात प्रारंभ होते ही चौकसी बरती जाती है।

बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में गंगरेल बांध से छोड़े जाने वाले पानी के समय में नदी के किनारे के गांवों में पहले से तैयारी रखते हुए मुनादी करायी जाती है और इसकी जानकारी से जिला प्रशासन और पुलिस को पहले से ही अवगत कराया जाता है। वैसे सामान्य तौर पर यह स्थिति सितम्बर महीने में निर्मित होने की संभावना रहती है।

वर्तमान में सभी जलाशयों में पानी की मात्रा काफी कम है। गर्मी के मौसम में जिले में 78 तालाबों को नहरों के माध्यम से भरा गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी हेण्डपंपों में आवश्यक दवाईयां और लिक्विड क्लोरिन डाला गया है और बाढ़ की स्थिति निर्मित होने पर पेयजल की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आयेगी।

कलेक्टर श्री भीम सिंह ने बाढ़ राहत और इससे निपटने के लिए किये जा रहे उपायों के संबंध में कहा कि बाढ़ अचानक और किसी भी समय आती है इसलिए संबंधित सभी विभागों का सामंजस्य बना रहना चाहिये और फील्ड में तैनात पटवारी से लेकर ऊपर तक के सभी अधिकारी अपने मुख्यालय पर रहे और अपने-अपने मोबाइल फोन चालू रखे जिससे सतत् संपर्क बना रहेगा।

कलेक्टर भीम सिंह ने जिले के सभी 40 आर.आई.सर्किलों में वर्षामापक यंत्र लगाये जाने के निर्देश दिये जिससे सभी क्षेत्रों में वर्षा का आंकलन किया जा सके क्योंकि अल्प वर्षा के समय वास्तविक जानकारी उपलब्ध होने पर सूखे की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में जलाशयों और नहरों से किये जाने वाले सिंचाई क्षेत्र का रकबा मानचित्र के साथ तैयार कर उनके समक्ष प्रस्तुत करें।

कलेक्टर श्री भीम सिंह ने कहा कि बरसात के मौसम में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा केन्द्रों में अभी से आवश्यक दवाईयों की आपूर्ति कर लिया जाए। कोरोना से बचाव तथा इसको फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासों के साथ वर्षा काल में होने वाले संक्रामक बीमारियों से भी निपटने के लिये तैयार रहना होगा।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बरसात प्रारंभ होने के पूर्व सड़कों पर निर्मित गड्ढों को भरने के निर्देश दिये। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को कहा कि आपदा की स्थिति निर्मित हो इसके पूर्व ही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए तैयार रहें।

उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी पशुओं के चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने राजस्व विभाग और पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी ग्रामों में ग्राम रक्षा समितियों का गठन कर लिया जाये।

बैठक के दौरान कोरोना की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों के क्वारेंटीन सेन्टरों का निरीक्षण करें वहां रहने वाले व्यक्तियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो उनको प्रदान किये जाने वाले भोजन अच्छा हो, वहां का पूरा परिसर साफ-सुथरा होना चाहिये। साथ ही क्वारेंटीन सेंटरों में रहने वाले व्यक्तियों की सेम्पल जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक उन्हें छोड़ा नहीं जाना चाहिये।

बैठक में एडीएम श्री राजेन्द्र कुमार कटारा, अपर कलेक्टर श्री आर.ए.कुरूवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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