मारने से पहले युवती ने किया था प्यार का नाटक, जानें क्या है खबर

अंकित मिंज

बिलासपुर।

प्रेमिका द्वारा युवक को अपने बहला-फुसला कर बेहोश कर कोटा में जिंदा दफन करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये युवक पुलिस कंट्रोल रूम में काम करता था। आरोपियों से पुलिस ने मृतक का मोबाइल, जूते, बाइक और घटना में उपयोग की गई कार जब्त की है। आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।

बिलासागुड़ी में शुक्रवार को प्रेस कान्फ्रेंस में एएसपी अर्चना झा ने बताया कि चिंगराजपारा निवासी तरूण उर्फ आकाश रताड़े पिता शांतनु रताड़े (24) पुलिस कंट्रोल रूम में सीसीटीवी कैमरा आपरेटर था। 1 जनवरी को लापता हो गया था। उसकी मां राजकुमारी ने सरकंडा थाने में गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई थी। साथ ही उसने तारबाहर डिपूपारा निवासी बेबी मांडले (40) और उसके पति बालाराम मांडले (46) पर तरूण का अपहरण करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के बाद जांच शुरू की ।

चिंगराजपारा निवासी पूजा रताड़े व इमरान नाम के युवकों के बयान पुलिस ने दर्ज किए थे, जिसमें पुलिस को पता चला कि तरूण को लिंगियाडीह अटल आवास निवासी मेघा गोयल पिता मोहन गोयल (19) के साथ आरके नगर की ओर जाते देखा गया था।

पुलिस ने मेघा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने बेबी मांडलेए बालाराम मांडले और उसके दो बेटे अभिषेक मांडले (23) व योगेश मांडले (25) के साथ मिलकर तरूण की हत्या करना स्वीकार किया। उसने पुलिस को बताया कि बेबी मांडले के बेटे निलेश मांडले से उसका प्रेम प्रसंग था। सितंबर 2018 में निलेश की कोटा क्षेत्र में लाश मिली थी।

बेबी और उसके परिवार के सदस्य तरूण पर निलेश की हत्या करने शक करते थे। बेबी ने उसे तरूण की हत्या करने की योजना में शामिल किया था। योजना के तहत उसने तरूण से प्रेम का नाटक किया और 1 जनवरी 2019 को उसे आरके नगर स्थित एक किराये के मकान में ले गई थी। वहां उसने कॉफी में नींद की गोलियां डालकर तरूण को पिलाया था। बेहोशी की हालत में तरूण के हाथ पैर बांधकर कार सीजी 10 जेड डी 1631 मेें डालकर कोटा ले जाकर जिंदा दफन कर दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बाइक, कार, मृतक के मोबाइल , जूते और आरोपियों के मोबाइल जब्त किया।

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