35A पर सुनवाई से पहले घाटी में आज अलगाववादी नेताओं का बंद, कई इलाकों में धारा 144 लागू

2016 में फैली अशांति के वक्त अस्थायी तौर पर BSF को एक हफ्ते के लिए कश्मीर में तैनात किया गया था

श्रीनगर।

सुप्रीम कोर्ट में संविधान के अनुच्छेद 35A पर सोमवार को होने वाली सुनवाई से पहले जम्मू कश्मीर में अलगाववादी नेताओं ने रविवार को बंद का आह्वान किया है. इसके साथ पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति व्याप्त है.

14 साल के बाद घाटी में BSF की तैनाती की गई है. इससे पहले 2016 में फैली अशांति के वक्त अस्थायी तौर पर BSF को एक हफ्ते के लिए कश्मीर में तैनात किया गया था, हालांकि इस तैनाती के फैसले को तुरंत वापस ले लिया गया था.

घाटी में तनाव और बंद के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए भारी संख्या में जवानों की तैनाती की गई है. पूरे श्रीनगर में धारा 144 लागू कर दी गई है और कई इलाकों में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है. हालांकि, गृह मंत्रालय ने अतिरिक्त बलों की तैनाती को चुनाव पूर्व तैयारी से संबद्ध एक नियमित अभ्यास बताया है.

35-ए के तहत जम्मू कश्मीर के निवासियों को विशेष अधिकार मिले हुए हैं और अलगाववादी नेता नहीं चाहते कि यह धारा हटाई जाए. यही कारण है कि उन्होंने रविवार को घाटी में बंद का आह्वान किया है.

घाटी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के बावजूद तनाव व्याप्त है. अलगाववादियों के संगठन ‘ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप’ (JRL) ने रविवार को घाटी में बंद रखने का आह्वान किया है.

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