लोकसभा चुनाव से पहले ओबीसी को बड़ा तोहफा, 27 फीसदी आरक्षण को गवर्नर की मंजूरी

भोपाल। मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण को 14 से बढ़ाकर 27 फीसदी करने के अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरक्षण के अध्यादेश के बाद मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां पर ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। बता दें कि मध्य प्रदेश की कमल नाथ सरकार ने पिछले दिनों ओबीसी वर्ग के आरक्षण को बढ़ाने की घोषणा की थी।

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि यह अध्यादेश शुक्रवार को पास कराने के लिए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के पास भेजा गया था। लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से पहले यह आरक्षण लागू हो जाएगा। रविवार शाम को चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस भी है। माना जा रहा है कि इसमें चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है इसके साथ ही आचार संहिता भी लागू हो जाएगी।

एससी-एसटी को मिला 20 फीसदी आरक्षणः मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति को 20 फीसदी आरक्षण दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस सरकार द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव से पहले ओबीसी वर्ग को दी गई इस सौगात को एक चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में लंबे समय तक बीजेपी की सरकार रही है। वहां के मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान ओबीसी वर्ग से थे। मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को बीजेपी का वोट बैंक माना जाता है।
28 नवंबर को मध्य प्रदेश में वोटिंग होनी है। जिसके लिए सभी पार्टियों और प्रत्याशी ने अपना दमखम झोंक दिया है। चुनाव को लेकर सट्टा बाजार भी गर्म है. पहले सट्टा बाजार में भाजपा बढ़त पर थी. अब कांग्रेस को लेकर बाजार गर्म दिख रहा है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक 2018 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने ओबीसी वोटों के 50 फीसदी से अधिक वोट हासिल किए थे, हालांकि वह 230 सदस्यीय सदन में कांग्रेस की 114 के मुकाबले केवल 109 सीटें बटोरने में ही कामयाब हो पाई। वर्तमान में राज्य की 29 लोकसभा सीटों में से 26 पर भाजपा का कब्जा है, बाकी तीन सीटों पर कांग्रेस की सरकार है।

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