छत्तीसगढ़

शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले संगठन को सता रही टारगेट की चिंता

रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले संगठन और सरकार की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि पार्टी के बड़े पदाधिकारियों का दावा है कि सब कुछ सही चल रहा। लेकिन सच ये है कि शाह द्वारा संगठन को दिए टारगेट को पूरा नहीं किया जा सका है।
शाह ने दिए थे दिशा-निर्देश

रायपुर: अमित शाह ने पार्टी के समयदानी कार्यकर्ताओं की विधानसभा क्षेत्रों के स्तर पर सक्रियता बरतने को कहा था। मोर्चा-प्रकोष्ठों को जनता-जनार्दन के बीच जाकर सरकार की उपलब्यिां बताने, दीनदयाल उपाध्याय जन्मशताब्दी समारोह में सक्रिय रहने से लेकर बूथ स्तर पर कमेटियों को मजबूत करने के भी निर्देश दिए थे।

कोर ग्रुप की बैठक में होगा मंथन

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, समयदानी कार्यकर्ताओं को सभी 90 विानसभा सीटों की रिपोर्ट शाह के दौरे से पहले सौंपने का निर्देश है। इसके साथ ही संगठन के पदाधिकारियों को भी पिछले तीन माह की गतिविधियों को लेकर रिपोर्ट कार्ड तैयार करना है। बताया जा रहा है कि शाह पिछले टारगेट को लेकर कोर ग्रुप की बैठक में चर्चा करेंगे। ऐसे में संगठन उसे समय से पहले पूरा करने की कवायद में जुट गया है।

मोर्चा प्रकोष्ठों की हो सकी है बैठक

अमित शाह ने एसटी, एससी और ओबीसी मोर्चा को समाज के बीच पहुंचकर पार्टी की पकड़ मजबूत करने का निर्देश दिया था। इसमें शाह की रणनीति थी कि संगठन सभी वर्गों के बीच पहुंचे और केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को रखे। मोर्चा और प्रकोष्ठ की 25 अक्टूबर 2017 से 25 सितंबर 2018 तक का प्लान बनाना है। अब तक सिर्फ मोर्चा प्रकोष्ठ की ही बैठक हो पाई है। पंचायतों में गरीबी, गंदगी, जाति, र्म जैसे मुद्दों पर सक्रिय होने का निर्देश दिया था।

कौशिक-सरकार पर जनता का भरोसा

प्रदेश अध्यक्ष रमलाल कौशिक का कहना है कि बोनस तिहार में उमड़ रही भीड़ सरकार पर भरोसा जता रही है। उनका दावा है कि प्रदेश में चौथी बार सरकार बननी तय है। विपक्ष के रूप में कांग्रेस का ऐसा कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है कि सरकार या संगठन को कुछ मुश्किल पेश आए। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को लेकर कौशिक ने कहा कि पिछले चुनाव और अब की परिस्थितियों में अंतर है। भाजपा को किसी की मदद की जरूरत नहीं है।

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